सूरजपुर । महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों और मार्गदर्शन से सूरजपुर जिले के दूरस्थ, पहाड़ी एवं जनजातीय क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा खराब पड़े सोलर पेयजल पंपों की मरम्मत तथा नए मोटर पंपों की स्थापना कर कई गांवों में पेयजल आपूर्ति बहाल की गई है, जिससे हजारों ग्रामीणों को राहत मिली है।
ओड़गी क्षेत्र के गांवों में बहाल हुई जल आपूर्ति
ओड़गी विकासखंड के ग्राम करौटी-ए (परसापारा), कोलुहा भाटपारा एवं बैजानपाठ में तकनीकी खराबी के कारण सोलर पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं। मंत्री के निर्देश पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए इन गांवों में नए मोटर पंप स्थापित किए गए। इसके बाद बंद पड़े सोलर पंप पुनः चालू हो गए और ग्रामीणों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल मिलने लगा है।
भैयाथान और सूरजपुर विकासखंड में भी मिली राहत
भैयाथान विकासखंड के दतिमा आमापारा इंद्रावास एवं कसकेला औरापारा में खराब पड़े सोलर पंपों की मरम्मत कर पेयजल व्यवस्था को पुनः सुचारु किया गया, वहीं सूरजपुर विकासखंड के लटोरी कुशवाहापारा और मंजीरा फुलवारपारा में भी सोलर पंपों को दुरुस्त कर जल आपूर्ति बहाल की गई है। इससे ग्रामीणों को पानी के लिए होने वाली परेशानियों से राहत मिली है।
भाटपारा में पंडो समुदाय को मिली विशेष राहत
चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र के भाटपारा गांव में लंबे समय से पेयजल समस्या बनी हुई थी। यहां नया मोटर पंप स्थापित कर जल आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इस पहल से विशेष रूप से पंडो समुदाय के परिवारों को लाभ मिला है, जिन्हें अब घर के समीप ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
अंतिम छोर तक सुविधा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे लोगों तक मूलभूत सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई की जा रही है, ताकि किसी भी ग्रामीण को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।
ग्रामीणों ने जताया आभार
पेयजल व्यवस्था बहाल होने के बाद ग्रामीणों ने राज्य सरकार, मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले उन्हें पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे महिलाओं और बच्चों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब गांव में ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।
जीवन स्तर सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था का सुदृढ़ होना केवल जल उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य, स्वच्छता और बेहतर जीवन स्तर से भी जुड़ा हुआ है। बंद पड़े सोलर पंपों को पुनः चालू करने और नए मोटर पंप स्थापित करने की यह पहल ग्रामीण जीवन को आसान बनाने के साथ-साथ जनजातीय अंचलों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।