साई बाबा कॉलेज के पास सुबह 11 बजे होगा प्रदर्शन, सड़क निर्माण नहीं शुरू होने पर आंदोलन की चेतावनी; एसडीएम को सौंपा गया सूचना पत्र,
सूरजपुर। विकास के दावों के बीच शहर से सटे डिगमा-सरगवां मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। बनारस रोड को प्रतापपुर रोड से जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क की जर्जर हालत से नाराज ग्रामीणों, महिला समूहों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने 24 जुलाई को सुबह 11 बजे बनारस रोड स्थित साई बाबा कॉलेज के पास चक्का जाम और सांकेतिक धरना देने का ऐलान किया है।
आंदोलन की सूचना एसडीएम अंबिकापुर को भी सौंप दी गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण कार्य तत्काल शुरू नहीं कराया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
15 वर्षों से जर्जर सड़क, रोजाना हजारों लोग परेशान
स्थानीय लोगों के अनुसार यह सड़क पिछले करीब 15 वर्षों से बदहाल है। जगह-जगह बड़े गड्ढे, उखड़ी डामर और धूल से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। यह मार्ग केवल ग्रामीण संपर्क सड़क नहीं, बल्कि साई बाबा कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, साई बाबा स्कूल और एफसीआई के चावल गोदाम तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है, जहां प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही होती है।
भारी वाहनों से और बिगड़ी स्थिति
ग्रामीणों का आरोप है कि एफसीआई गोदाम तक जाने वाले ओवरलोड वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके बावजूद संबंधित विभागों ने न तो मरम्मत कराई और न ही पुनर्निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया।
महिलाओं, विद्यार्थियों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी
बरसात के मौसम में सड़क के गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। दोपहिया वाहन चालक आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों और मरीजों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। अब लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो 24 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान बनारस रोड (एनएच-43) और डिगमा-सरगवां मार्ग पर यातायात प्रभावित हो सकता है।
प्रदर्शन के बाद कलेक्टर के माध्यम से राज्य शासन को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह केवल सड़क निर्माण का मुद्दा नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित आवागमन से जुड़ा जनहित का मामला है।