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छत्तीसगढ़ की सरकारी खरीदी में पारदर्शिता की नई मिसाल, GeM ने दिलाया सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड,

Priyanshu Ranjan

GeM से शासकीय खरीदी 113% बढ़कर ₹3,935 करोड़ पहुंची, MSEs को ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर; प्रतिस्पर्धी निविदाओं से सरकार ने बचाए ₹130 करोड़

रायपुर, 11 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ ने डिजिटल और पारदर्शी शासकीय खरीदी के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के 10वें स्थापना दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ को ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल की गरिमामयी उपस्थिति में राज्य को यह सम्मान प्रदान किया गया।

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GeM के एक दशक पूरे होने के अवसर पर आयोजित समारोह की थीम ‘GeM 10: A Decade of Exponential Possibilities’ रखी गई थी। राज्य सरकारों के लिए निर्धारित ‘प्रीमियर अवार्ड्स–स्टेट गवर्नमेंट फेलिसिटेशन’ श्रेणी में छत्तीसगढ़ को GeM के प्रभावी उपयोग तथा शासकीय खरीदी के मूल्य और मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए यह पुरस्कार दिया गया।

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एक साल में 113% बढ़ी GeM से सरकारी खरीदी

छत्तीसगढ़ में GeM के माध्यम से शासकीय खरीदी वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹3,935 करोड़ पहुंच गई। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 113 प्रतिशत की वृद्धि है।

राज्य सरकार द्वारा विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों की खरीदी को साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के प्रयासों का इस वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। GeM के माध्यम से अधिक से अधिक खरीदी को प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी प्रक्रिया के दायरे में लाया गया है।

प्रतिस्पर्धी निविदाओं से ₹130 करोड़ की बचत

GeM पर खुली और प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया का सीधा लाभ राज्य के खजाने को भी मिला है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रतिस्पर्धी खरीदी के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन ने करीब ₹130 करोड़ की बचत की।

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यह बचत विभागों द्वारा खरीदी के लिए निर्धारित अनुमानित लागत और प्रतिस्पर्धी बोली के बाद प्राप्त वास्तविक बाजार मूल्य के अंतर से हुई। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में इसी प्रक्रिया के माध्यम से राज्य को कुल ₹235 करोड़ की बचत हुई है।

GeM की मानकीकृत तकनीकी शर्तें, खुली बोली प्रक्रिया और प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल एवं ऑडिट योग्य रिकॉर्ड शासकीय खरीदी में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करता है।

छोटे उद्यमियों के लिए खुला सरकारी बाजार

GeM के बढ़ते उपयोग का सबसे बड़ा लाभ सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSEs) को भी मिला है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में MSEs से खरीदी 61 प्रतिशत बढ़कर ₹1,800 करोड़ पहुंच गई। यह निर्धारित 25 प्रतिशत MSE खरीद लक्ष्य से काफी अधिक है।

इसके अलावा महिला उद्यमियों से खरीदी में 97 प्रतिशत, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के उद्यमियों से खरीदी में 108 प्रतिशत तथा स्टार्टअप से खरीदी में 178 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

महिला, SC-ST और स्टार्टअप उद्यमियों की बढ़ी भागीदारी

GeM के माध्यम से शासकीय बाजार तक पहुंच आसान होने से प्रदेश के प्राथमिकता वाले उद्यमी वर्गों की भागीदारी में तेजी आई है। विशेष रूप से महिला उद्यमियों और SC-ST वर्ग के कारोबारियों के साथ-साथ स्टार्टअप्स को सरकारी खरीदी में अपनी सेवाएं और उत्पाद प्रस्तुत करने का अवसर मिला है।

सरकार का मानना है कि डिजिटल और पारदर्शी खरीदी व्यवस्था स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ छोटे व्यवसायों के लिए नए बाजार के अवसर भी पैदा कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उपलब्धि पर जताई खुशी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ को मिले GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि GeM ने प्रदेश के उद्यमियों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे शासकीय मांग और बाजार से जोड़ने का सशक्त माध्यम उपलब्ध कराया है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों और स्टार्टअप की भागीदारी में वृद्धि इस पारदर्शी व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि खुला और पारदर्शी डिजिटल मार्केटप्लेस प्रत्येक उद्यमी को समान अवसर प्रदान करता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि इसका लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, महिला उद्यमियों, SC-ST वर्ग के उद्यमियों और स्टार्टअप्स तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी शासकीय खरीदी को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय उद्यमिता को सशक्त बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ को विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।

आंकड़ों में छत्तीसगढ़ की उपलब्धि

– GeM से कुल शासकीय खरीदी: ₹3,935 करोड़

– एक वर्ष में वृद्धि: 113 प्रतिशत

– MSEs से खरीदी: ₹1,800 करोड़

– MSE खरीदी में वृद्धि: 61 प्रतिशत

– 2025-26 में बचत: ₹130 करोड़

– तीन वर्षों में कुल बचत: ₹235 करोड़

– महिला उद्यमियों से खरीदी में वृद्धि: 97 प्रतिशत

– SC-ST उद्यमियों से खरीदी में वृद्धि: 108 प्रतिशत

– स्टार्टअप से खरीदी में वृद्धि: 178 प्रतिशत

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