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चांदनी बिहारपुर के ग्राम उमझर में एक घर में लगी भीषण आग से एक अधेड़ व्यक्ति की हुई मौत, ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच व मुआवजे की मांग,

Priyanshu Ranjan

सूरजपुर । जिले के चांदनी- बिहारपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत उमझर से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मोहरसोप चौकी क्षेत्र के उमझर गांव में एक घर में अचानक लगी भीषण आग ने एक अधेड़ की जान ले ली। मृतक की पहचान ईश्वर सिंह आयाम के रूप में हुई है, जो गांव के स्कूल पारा के निवासी और ग्राम पंचायत के पूर्व सचिव रह चुके थे। यह घटना इतनी भयावह थी कि कुछ ही पलों में आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया और ईश्वर सिंह आयाम को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
बता दे की सूरजपुर के उमझर गांव की यह घटना बेहद दर्दनाक और चेतावनी देने वाली है। एक छोटी सी चूक ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया। अब जरूरी है कि प्रशासन इस मामले में गंभीरता दिखाए। जांच पूरी कर सच्चाई सामने लाए और पीडि़त परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करे। यह हादसा न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक सबक भी है कि सतर्कता और सुरक्षा उपायों की अनदेखी कभी भी भारी पड़ सकती है।

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आग की चपेट में आए ईश्वर सिंह, मौके पर ही मौत-

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बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात कारण से घर में अचानक आग लग गई। आग तेजी से फैलती चली गई और घर के अंदर मौजूद ईश्वर सिंह आयाम उसकी चपेट में आ गए।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से भड़की कि जब तक आस पास के लोग कुछ समझ पाते और मदद के लिए पहुंचते, तब तक हालात बेकाबू हो चुके थे। ईश्वर सिंह आग की लपटों में घिर गए और उनकी मौके पर ही जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। यह दृश्य इतना भयावह था कि जिसने भी देखा, वह सन्न रह गया।

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गांव में पसरा मातम, सम्मानित व्यक्ति थे ईश्वर सिंह-

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे उमझर गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। ईश्वर सिंह आयाम गांव में एक जिम्मेदार और सम्मानित व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे। उनकी अचानक और इस तरह की दर्दनाक मौत से ग्रामीण स्तब्ध हैं। हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि आखिर इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव का माहौल गमगीन बना हुआ है।

ग्रामीणों की मांग निष्पक्ष जांच और मुआवजा-

घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए। साथ ही, मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता और मुआवजा प्रदान करने की भी मांग की गई है, ताकि इस कठिन समय में परिवार को सहारा मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर करती हैं।

अग्नि सुरक्षा पर फिर उठे सवाल-

यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, छोटी सी चूक या तकनीकी खराबी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में जरूरत है कि घरों में विद्युत सुरक्षा की जांच नियमित हो, आग से बचाव के प्राथमिक उपायों की जानकारी लोगों को दी जाए, आपातकालीन सेवाओं को और मजबूत किया जाए।

ग्रामीणों ने किया बचाव का प्रयास, लेकिन नहीं बच पाई जान…

घटना के बाद गांव में अफरा -तफरी मच गई। ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। लोगों ने पानी और अन्य साधनों से आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि घर के अंदर फंसे ईश्वर सिंह को बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। कुछ ही देर में पूरा घर जलकर खाक हो गया और अंदर मौजूद ईश्वर सिंह की मौत हो गई।

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पुलिस मौके पर पहुंची, जांच जारी

घटना की सूचना मिलते ही मोहरसोप पुलिस चौकी की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पंचनामा कार्रवाई पूरी की। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, हालांकि शॉर्ट सर्किट या घरेलू कारणों से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा।

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