सूरजपुर । प्रतापपुर स्थित केरता शक्कर कारखाने में गन्ना किसानों और मजदूरों के बकाया भुगतान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने और प्रबंधन की लापरवाही से नाराज किसानों और मजदूरों ने सोमवार को कारखाने में तालाबंदी कर दी। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है।
बकाया भुगतान को लेकर बढ़ा आक्रोश
किसानों और मजदूरों का कहना है कि वे काफी समय से अपने बकाया भुगतान की मांग कर रहे थे। कई बार प्रबंधन से बातचीत और ज्ञापन देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। लगातार अनदेखी से नाराज होकर सैकड़ों की संख्या में एकत्रित लोगों ने कारखाने के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कांग्रेस का समर्थन, शशि सिंह मौके पर पहुंचीं
प्रदर्शन को जिला कांग्रेस कमेटी सूरजपुर की अध्यक्ष शशि सिंह का समर्थन मिला। वे स्वयं मौके पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि किसानों और मजदूरों का बकाया रोकना गंभीर मामला है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने की बात कही गई।
कारखाने का कामकाज ठप
तालाबंदी के कारण शक्कर कारखाने का संचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कर्मचारियों और अधिकारियों की आवाजाही भी बाधित हुई है। स्थानीय स्तर पर इसका असर आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
प्रबंधन पर लगाए गए आरोप
प्रदर्शनकारियों ने कारखाना प्रबंधन पर कई आरोप लगाए हैं। गन्ना किसानों का भुगतान लंबित, मजदूरों की मजदूरी का भुगतान नहीं, शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया, समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए।
बड़ी संख्या में लोग रहे शामिल
आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान विमलेश तिवारी, विद्या सागर सिंह, अनिल गुप्ता, सुरेश आयाम, त्रिभुवन सिंह, नवीन जायसवाल, डी. राम, रोहन राजवाड़े, बबीता गुप्ता, सतवंत सिंह, अविनाश साहू, लिवनेश सिंह, दिनेश राजवाड़े, गोल्डी खान, सुरेश सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसमें धरना, प्रदर्शन और अन्य कदम शामिल हो सकते हैं।