अंबिकापुर । शहर के तालाबों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर अब प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। भू-माफियाओं द्वारा जल स्रोतों को पाटकर कब्जा करने की शिकायतों के बीच नगर निगम और प्रशासन ने संयुक्त अभियान शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत मंगलवार को भातूपारा स्थित पुराने तालाब से की गई, जहां अवैध कब्जे पर बुलडोजर चलाकर बाउंड्रीवाल ध्वस्त कर दी गई।
जानकारी के अनुसार, रिंग रोड से लगे भातूपारा तालाब के पीछे होटल पर्पल आर्किड के संचालक ने बड़े हिस्से में मिट्टी भरकर कब्जा कर लिया था। इतना ही नहीं, तालाब के प्राकृतिक जल निकासी मार्ग को भी बंद कर दिया गया था, जिससे पानी का प्रवाह बाधित हो रहा था और आसपास के लोगों को परेशानी हो रही थी।
इस मामले को लेकर वार्डवासियों और कांग्रेस पार्षद शुभम जायसवाल ने निगम आयुक्त से शिकायत की थी। निगम आयुक्त डीएन कश्यप ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संचालक मुकेश अग्रवाल को नोटिस जारी कर 7 दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। लेकिन तय समय में कार्रवाई नहीं होने पर मंगलवार सुबह निगम और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। चार जेसीबी और डंपर की मदद से तालाब में डाली गई मिट्टी हटाई गई और अवैध बाउंड्रीवाल को तोड़ दिया गया।
निगम आयुक्त ने बताया कि तालाब की जमीन का सीमांकन राजस्व अमले द्वारा किया जाएगा। सीमांकन के बाद शेष बचे अतिक्रमणों को भी हटाने की कार्रवाई तेज की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि तालाब के प्राकृतिक नाले को पाटना गंभीर लापरवाही है, जिसे जल्द बहाल किया जाएगा, ताकि जल निकासी की व्यवस्था फिर से सुचारू हो सके।
भाजपा पार्षद आलोक दुबे के मुताबिक राजस्व रिकॉर्ड में भातूपारा तालाब का रकबा 11 एकड़ 81 डिसमिल दर्ज है, लेकिन अतिक्रमण के चलते अब यह दो एकड़ से भी कम रह गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो शहर के अन्य तालाब भी खत्म होने की कगार पर पहुंच जाएंगे। ऐसे में सभी तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कर संरक्षित करना जरूरी है।
सौंदर्यीकरण से रोका जाएगा कब्जा
कलेक्टर अजीत वसंत ने हाल ही में हुई बैठक में तालाबों पर अतिक्रमण रोकने के लिए ठोस योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि नगरीय क्षेत्रों में स्थित तालाबों का चिन्हांकन कर उनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इससे न केवल तालाबों की उपयोगिता बढ़ेगी, बल्कि अतिक्रमण पर भी रोक लगेगी। इसके लिए नगर निगम और राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा गया है।
शहरभर में चलेगा अभियान
निगम आयुक्त डी. एन. कश्यप ने बताया कि यह कार्रवाई केवल भातूपारा तक सीमित नहीं रहेगी। शहर के सभी तालाबों का सर्वे कर अतिक्रमण की पहचान की जाएगी और चरणबद्ध तरीके से उन्हें हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों को बचाना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि अब तालाबों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा। आने वाले दिनों में शहर के अन्य तालाबों पर भी इसी तरह की कार्रवाई देखने को मिल सकती है।