पुलिस ने अपहृत महिला को किया सुरक्षित बरामद, उपचार के लिए अस्पताल में कराया भर्ती
सूरजपुर । जिले में अपहरण और फिरौती से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें 22 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अपहृत महिला को सुरक्षित बरामद कर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है, जबकि एक अन्य आरोपी अब भी फरार है जिसकी तलाश जारी है।
सूरजपुर पुलिस की तत्परता और रणनीतिक कार्रवाई के चलते एक बड़ा अपराध होने से टल गया और महिला की जान बच सकी। यह मामला यह भी दर्शाता है कि परिचित व्यक्ति द्वारा की गई साजिश कितनी खतरनाक हो सकती है। पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
घर में अकेली महिला को बनाया निशाना
घटना 29 अप्रैल 2026 की है, जब प्रार्थी अपने ड्राइवर के साथ वाहन मरम्मत के लिए अंबिकापुर गया हुआ था। घर पर उसकी पत्नी अकेली थी। दोपहर करीब 1 बजे महिला ने पति को फोन कर घर आने का समय पूछा। जब प्रार्थी शाम करीब 3ः30 बजे घर लौटा तो पत्नी घर पर नहीं मिली, काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका पता नहीं चला, तभी करीब 3ः50 बजे महिला के मोबाइल से एक अज्ञात कॉल आया।
फोन करने वाले ने 22 लाख रुपये की फिरौती की मांग करते हुए धमकी दी कि पैसे नहीं देने पर महिला को नहीं छोड़ा जाएगा। इस पर थाना सूरजपुर में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
पूर्व ड्राइवर निकला मास्टरमाइंड
जांच के दौरान पुलिस को बड़ा सुराग मिला। पकड़े गए आरोपी रौशन देवांगन ने पूछताछ में बताया कि वह प्रार्थी के यहां करीब 18 महीने तक ड्राइवर का काम कर चुका था। उसे यह जानकारी थी कि प्रार्थी एसईसीएल से रिटायर हुआ है और उसे अच्छी-खासी रकम मिली है। इसी लालच में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाई।योजना के तहत आरोपी अपने साथियों के साथ घर पहुंचे, महिला से पानी मांगा और मौका पाकर उसे घर के अंदर ही बंधक बना लिया। मुंह और आंखों पर टेप लगाकर हाथ-पैर बांध दिए और मोटरसाइकिल से उसे डुमरिया स्थित अपने ठिकाने पर ले गए।
फिरौती कॉल और पुलिस का दबाव
आरोपियों ने महिला के मोबाइल से प्रार्थी को कॉल कर 22 लाख रुपये की मांग की और फिर मोबाइल बंद कर दिया। इधर मामला सामने आते ही पुलिस हरकत में आई।
डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देशन में तीन विशेष टीमें गठित की गईं। पुलिस ने सघन पेट्रोलिंग, सायरन और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपियों पर दबाव बनाना शुरू किया।
डर के चलते महिला को छोड़कर भागे आरोपी
लगातार पुलिस दबाव और पकड़े जाने के डर से आरोपी घबरा गए और महिला को डुमरिया से पर्री-चंदरपुर बाईपास रोड पर घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए।आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए महिला को ढंकने में इस्तेमाल कंबल, रस्सी और टेप को वहीं जला दिया।
घायल अवस्था में महिला पहुंची सुरक्षित, पुलिस ने कराया इलाज
पीडि़ता किसी तरह पास के एक घर पहुंची और वहां से अपने पति को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और महिला को तत्काल जिला चिकित्सालय सूरजपुर में भर्ती कराया।
तकनीकी जांच से आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और पीडि़ता के बयान के आधार पर मुख्य आरोपी रौशन देवांगन को मानपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। इसके बाद दूसरे आरोपी शेख इशू को भी बिलासपुर की ओर भागते समय केतका में घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।
बरामद हुए सबूत, तीसरे आरोपी की तलाश जारी
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अपहृता का मोबाइल, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और स्कूटी, रस्सी, टेप तथा जले हुए कंबल के अवशेष बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक कार्रवाई की जा रही है, जबकि फरार तीसरे आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
पूरे ऑपरेशन में पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई अहम रही। यह कार्रवाई सीएसपी बेनार्ड कुजूर और एसडीओपी अभिषेक पैंकरा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी विमलेश दुबे सहित पुलिस टीम द्वारा की गई।