अंबिकापुर । अंबिकापुर में बीच शहर में पटाखों के अवैध भंडारण के कारण 23 अप्रैल को भीषण अग्निकांड हो गया।
इस पर खूब हो हल्ला मचा, लेकिन पुलिस की कार्रवाई पर ही आमजन सवाल खड़े करने लगे कि एक रसूखदार पर कार्यवाही करने से पुलिस घबरा क्यों रही है?
इस मामले की गूंज राजधानी रायपुर में भी गूंजी । बताया जा रहा है कि सरगुजा के आई जी दीपक झा ने पहले ही कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन पुलिस इस मामले में लीपापोती पर तुली थी जिस पर सरगुजा आईजी ने कल एसएसपी राजेश अग्रवाल को बेहद कड़े शब्दों में शो कॉज नोटिस जारी कर दिया । साथ ही पुलिस विभाग के कुछ अन्य अधिकारियों की भी जमकर क्लास ली।
“मुकेश पटाखा अग्निकांड सरगुजा”
आई जी दीपक झा से हमने इस मामले में बात की जिस पर उन्होंने पूरी बातें तो नहीं बताईं पर इतना ज़रूर कहा कि “पुलिस महकमे को संवेदनशील होकर काम करना चाहिए।
एक ओर हमारे राज्य के संवेदनशील मुख्यमंत्री सरलता के साथ आज सुशासन तिहार की शुरुआत कर रहे हैं तो दूसरी ओर प्रशासन का भी दायित्व है कि वो भी आमजन के हित से जुड़े मुद्दों पर संज्ञान ले और त्वरित कार्यवाही करे।”
गौरतलब है कि राज्य के डीजीपी अरूण देव गौतम भी इस तरह के मामलों में बेहद सख़्त हैं। वहीं राज्य के गुप्त वार्ता के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार भी हर एक छोटी बड़ी घटनाओं पर जिस तरह से निगरानी कर रहे हैं उससे अंदर ही अंदर पुलिस महकमे समेत सफ़ेदपोशों में भी ख़ौफ़ है।
सूत्रों की मानें तो पुलिस महकमे में आगामी दिनों में कुछ बड़े बदलाव और सख़्त निर्देश के साथ ही लापरवाही बरतने वाले व भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों की कुंडली खंगालने का काम भी किया जा रहा है।
अब एक नज़र सरगुजा आई जी के कड़े कारण बताओ नोटिस पर भी
उपरोक्त विषयांतर्गत लेख है कि, दिनांक 26.04.2026 को थाना अम्बिकापुर में दर्ज अप. क्र. 259/2026 धारा 125, 270, 287 बीएनएस के प्रकरण के प्रथम सूचना पत्र के अवलोकन पर पाया गया कि, दिनांक 23.04.2026 को ब्रम्हपारा घनी रिहायसी व आवासीय क्षेत्र में अवैध रूप से भारी मात्रा में रखे गये पटाखा के भण्डार (दुकान) व गोदाम की छत पर आरोपी द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन न कर वेल्डिंग कराये जाने पर वेल्डिंग की चिंगारी से विस्फोटक पदार्थ होने के कारण आग लगने से आम जीवन को संकटापन्न उत्पन्न हुआ और उक्त घटना से आस-पास के कई मकान व लोग प्रभावित हुए है जिससे लोगों का बहुत बड़ी मात्रा में नुकसान हुआ है। प्रकरण में बीएनएस की धारा 324, 326 (छ) बीएनएस एवं विस्फोटक अधिनियम, 1984 की धारा- 09 (ख) भी आकर्षित होती है परंतु कायमी के समय उक्त धारा नहीं जोड़ी गई है। जिससे स्पष्ट होता है कि प्रकरण की कायमी में लापरवाही बरती गई है।
अतः प्रकरण में अपने पदीय कर्तव्य का पालन नहीं करने के संबंध में थाना प्रभारी अम्बिकापुर एवं प्रकरण की कायमी में बरती गई लापरवाही के संबंध में कायमीकर्ता का स्पष्टीकरण प्राप्त कर नगर पुलिस अधीक्षक अम्बिकापुर की टीप सहित 07 दिवस के अंदर इस कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही उक्त धारा जोड़ कर प्रकरण में अग्रिम विवेचना कार्यवाही कराया जावे।
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज के इस नोटिस के कड़े शब्दों को देख आसानी से समझा जा सकता है कि पुलिस पर दबाव बनाने की कुटिल कोशिश पर बड़े पुलिस अधिकारी किस तरह सख़्त तेवर अपना रहे हैं। यदि इसी तरह मामलों पर कार्यवाही होनी शुरू होती है तो राज्य में कानून व्यवस्था पर सवाल उठने निश्चित ही कम होंगे।