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सड़क दुर्घटना में घायल युवक को सरकारी अस्पताल में नहीं मिला इलाज, स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल…

Priyanshu Ranjan
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सूरजपुर/रामानुजनगर:सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजनगर में इलाज न मिलने का मामला सामने आने के बाद सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि अस्पताल में न तो समय पर डॉक्टर उपलब्ध थे और न ही आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था, जिससे घायल युवक को दर्द से कराहते हुए अस्पताल से लौटना पड़ा।

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क्या है पूरा मामला

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ग्राम कौशलपुर निवासी निर्भय कुमार पटेल ने स्वास्थ्य विभाग को दिए लिखित शिकायत पत्र में बताया कि 12 जनवरी की सुबह करीब 11 बजे उनके भाई अक्षय पटेल (30 वर्ष) सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजनगर लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल में काफी देर तक कोई डॉक्टर या जिम्मेदार स्टाफ मौजूद नहीं मिला। इस दौरान घायल युवक दर्द से तड़पता रहा, पर इलाज शुरू नहीं किया गया।IMG 20260113 WA0006

शिकायत के अनुसार, बाद में जब एक महिला चिकित्सक अस्पताल पहुंचीं तो परिजनों द्वारा मरीज की गंभीर हालत बताने और तत्काल इलाज की गुहार लगाने पर बिना मरीज को देखे कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया। आरोप है कि न तो प्राथमिक उपचार दिया गया, न भर्ती किया गया, बल्कि मरीज को अस्पताल से बाहर जाने के लिए कह दिया गया।

निजी अस्पताल में कराना पड़ा इलाज, आर्थिक बोझ

इलाज न मिलने से मजबूर होकर परिजन घायल युवक को निजी अस्पताल ले गए, जहां उपचार कराने पर उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इस घटना ने सूरजपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में संचालित शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं और रामानुजनगर अस्पताल में वर्षों से चली आ रही अव्यवस्था को फिर उजागर कर दिया है।

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स्थानीय लोगों की नाराजगी

स्थानीय नागरिकों व जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों की अनियमित उपस्थिति, आपातकालीन सेवाओं की कमी और प्रबंधन की लापरवाही लंबे समय से चिंता का विषय है। दुर्घटना और इमरजेंसी मामलों में इलाज न मिलना न सिर्फ चिकित्सकीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न है।

जांच के आदेश, कार्रवाई का भरोसा

मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं। संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, सरगुजा संभाग डॉ. अनिल शुक्ला ने कहा कि रामानुजनगर अस्पताल से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई है। दुर्घटना में घायल युवक को सरकारी अस्पताल में इलाज न मिलना गंभीर विषय है। दो सदस्यीय जांच दल का गठन किया जाएगा और यदि डॉक्टर या स्टाफ की लापरवाही पाई गई तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की घटनाएं किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

अब सवाल यह

क्या जांच के बाद वास्तव में दोषियों पर ठोस कार्रवाई होगी, या यह मामला भी कागजी प्रक्रियाओं में सिमट कर रह जाएगा—इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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