Skip to main content

AAJ24

[state_mirror_header]

DMF फंड पर AAP के सवाल: खनिज संपदा निकल रही, लेकिन प्रभावित गांव अब भी विकास से दूर,

Priyanshu Ranjan

प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज दुबे ने सरगुजा संभाग में डीएमएफ राशि के उपयोग पर उठाए सवाल, वर्षवार हिसाब और सोशल ऑडिट की मांग

अंबिकापुर। आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज दुबे ने सरगुजा संभाग के खनन प्रभावित क्षेत्रों में जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि (DMF) के उपयोग पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि खनिज संपदा से करोड़ों रुपये का राजस्व मिलने के बावजूद प्रभावित गांवों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है।

- Advertisement -

उन्होंने कहा कि सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिलों में बड़े पैमाने पर कोयला खनन तथा मैनपाट क्षेत्र में बॉक्साइट का उत्खनन होता है। इन क्षेत्रों के विकास के लिए हर वर्ष डीएमएफ के माध्यम से बड़ी राशि उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन आज भी कई गांव सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। वहीं खनन के कारण धूल प्रदूषण, खराब सड़कें और पर्यावरणीय समस्याओं का सामना स्थानीय लोगों को करना पड़ रहा है।

- Advertisement -

वर्षवार हिसाब सार्वजनिक करने की मांग

मनोज दुबे ने राज्य सरकार से मांग की कि सरगुजा संभाग के सभी जिलों में डीएमएफ निधि का वर्षवार और कार्यवार लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए। इसमें प्राप्त राशि, स्वीकृत कार्य, खर्च, अधूरी परियोजनाएं और स्थानीय लोगों को मिले लाभ की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

ग्राम सभा की निगरानी में हो सोशल ऑडिट

उन्होंने मांग की कि प्रत्येक खनन प्रभावित ग्राम पंचायत में ग्राम सभा की मौजूदगी में सोशल ऑडिट कराया जाए। साथ ही सभी परियोजनाओं की लागत, प्रगति और व्यय का विवरण सार्वजनिक पोर्टल और ग्राम पंचायत के सूचना बोर्ड पर प्रदर्शित किया जाए, ताकि आम लोग भी निगरानी कर सकें।

See also  लांजीत PHC में ताला, कार में हुआ प्रसव! सूरजपुर की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

‘जनता के धन का लाभ जनता को मिले’

AAP नेता ने कहा कि डीएमएफ निधि का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल, स्कूल, पेयजल, सिंचाई, सड़क, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय युवाओं के रोजगार सृजन पर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि डीएमएफ निधि के उपयोग में अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की शिकायतें हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

Share This Article