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सोमनाथ मंदिर के 1000 वर्ष पूरे होने पर सूरजपुर के कुदरगढ़ धाम में संपन्न हुआ भव्य कार्यक्रम,

Priyanshu Ranjan

राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा सहित कई जन प्रतिनिधि रहे उपस्थित,

सूरजपुर । भारतीय संस्कृति, सनातन आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक सोमनाथ मंदिर की गौरवगाथा पर आधारित ऐतिहासिक आयोजन सोमनाथ स्वाभिमान पर्व अटूट आस्था के 1000 वर्ष का भव्य आयोजन सूरजपुर जिले के पवित्र कुदरगढ़ धाम में संपन्न हुआ। संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन सूरजपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में धार्मिक आस्था,सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की वर्चुअल उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक महत्व प्रदान किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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सोमनाथ की गौरवगाथा का हुआ स्मरण

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कार्यक्रम के दौरान सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। वक्ताओं ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, आत्मगौरव और सनातन संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। सदियों तक विदेशी आक्रमणों और संघर्षों का सामना करने के बावजूद सोमनाथ मंदिर ने अपनी पहचान और आस्था को अक्षुण्ण बनाए रखा, जो भारतीय समाज की अटूट श्रद्धा और संघर्षशीलता का प्रमाण है।

दो ऐतिहासिक अवसरों से जुड़ा आयोजन

कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व दो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। पहला, वर्ष 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम विदेशी आक्रमण के एक हजार वर्ष पूर्ण होने का अवसर और दूसरा, स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1951 में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के पुनः उद्घाटन के 75 वर्ष पूर्ण होने का ऐतिहासिक क्षण।
वक्ताओं ने कहा कि यह पर्व भारतीय जनमानस के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।

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रामसेवक पैकरा ने बताया स्वाभिमान का प्रतीक

छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ की गाथा भारतीय समाज की अटूट श्रद्धा, धैर्य और संघर्षशीलता की अमर कहानी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान को मजबूत करने का कार्य करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ते हैं।

युवा पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का संदेश

जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजवाड़े ने कहा कि सोमनाथ केवल मंदिर नहीं बल्कि हमारी सनातन संस्कृति और आस्था की अमिट पहचान है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को अपने इतिहास, परंपरा और संस्कृति के प्रति जागरूक बनाते हैं तथा उन्हें अपनी जड़ों से जोड़े रखने का कार्य करते हैं।

कलेक्टर रेना जमील ने बताया गौरव का विषय

कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने अपने उद्बोधन में कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक आस्था का प्रेरणादायी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कुदरगढ़ धाम जैसे पावन स्थल पर इस आयोजन का होना सूरजपुर जिले के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव विश्व को शांति, आध्यात्म और मानवता का संदेश देती रही है और सोमनाथ मंदिर इस परंपरा का श्रेष्ठ उदाहरण है।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय एकता से जोड़ने का कार्य करते हैं।

बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु और जनप्रतिनिधि

कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ठाकुर, डीएफओ डी.पी. साहू, जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले, एसडीएम श्रीमती चांदनी कंवर सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और ऐतिहासिक प्रसंगों के माध्यम से उपस्थित लोगों ने सोमनाथ की गौरवगाथा का स्मरण किया और भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा के प्रति अपनी आस्था को पुनः व्यक्त किया।
कार्यक्रम ने धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से एक अविस्मरणीय छाप छोड़ी।

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