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सरगुजा पुलिस के आरक्षक और पत्नी पर 30 लाख की कथित धोखाधड़ी का केस दर्ज, डीजीपी के निर्देश पर हुई एफआईआर,

Priyanshu Ranjan

जमीन खरीद और पीडब्ल्यूडी भुगतान का झांसा देकर उधार लेने का आरोप, 20 लाख के दो चेक बाउंस; जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

सरगुजा पुलिस के आरक्षक और पत्नी पर 30 लाख की कथित धोखाधड़ी का केस, डीजीपी के निर्देश पर एफआईआर दर्ज

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अंबिकापुर, 9 जुलाई। सरगुजा पुलिस में पदस्थ एक आरक्षक और उसकी पत्नी के खिलाफ 30 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि आरक्षक ने अपनी सरकारी पहचान और प्रभाव का इस्तेमाल कर एक महिला से जमीन खरीदने तथा पीडब्ल्यूडी के लंबित भुगतान का हवाला देकर 30 लाख रुपये उधार लिए। बाद में शेष राशि लौटाने के लिए दिए गए दो चेक भी बैंक से अनादृत (बाउंस) हो गए। शिकायत के बाद डीजीपी के निर्देश पर थाना अंबिकापुर देहात (गांधीनगर) में एफआईआर दर्ज की गई है।

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शिकायतकर्ता पटपरिया (गांधीनगर) निवासी अनुपमा सिंह, जो ‘अनुपमा मेक ओवर’ नाम से ब्यूटी पार्लर संचालित करती हैं, ने बताया कि वर्ष 2023 में उनकी पहचान आरक्षक प्रवीण प्रताप सिंह और उनकी पत्नी अलका प्रताप सिंह से थी। आरोप है कि दोनों ने विश्वास में लेकर कहा कि जमीन खरीदने के लिए तत्काल पैसों की आवश्यकता है और पीडब्ल्यूडी मुख्यालय रायपुर से 75 लाख रुपये का भुगतान मिलते ही पूरी राशि लौटा दी जाएगी। इस भरोसे पर उन्होंने 11 जुलाई से 30 जुलाई 2023 के बीच अलग-अलग किश्तों में कुल 30 लाख रुपये दिए।

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10 लाख लौटाए, 20 लाख के दो चेक हुए बाउंस

शिकायत के अनुसार आरोपियों ने मार्च 2025 तक केवल 10 लाख रुपये लौटाए। शेष 20 लाख रुपये के बदले 10-10 लाख रुपये के दो चेक दिए गए, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर दोनों चेक अनादृत हो गए। आरोप है कि कानूनी नोटिस भेजने के बाद भी रकम नहीं लौटाई गई और पुलिस विभाग में प्रभाव होने का हवाला देकर झूठे मामलों में फंसाने तथा जान से मारने की धमकी दी गई।

अन्य लोगों से भी रकम लेने का आरोप

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने इसी प्रकार अन्य लोगों से भी रकम ली। शिकायतकर्ता के अनुसार मृत्युंजय गुप्ता से 10 लाख रुपये, विवेक तिवारी से 4.30 लाख रुपये तथा जनजीत सिंह से 4.50 लाख रुपये लिए गए। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

डीजीपी के निर्देश पर दर्ज हुई एफआईआर

शिकायत के आधार पर डीजीपी के निर्देश पर थाना अंबिकापुर देहात (गांधीनगर) में एफआईआर क्रमांक 0424/2026 दर्ज की गई है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (यदि एफआईआर बीएनएस के तहत दर्ज है तो उसी के अनुसार संशोधित करें) / अथवा उपलब्ध दस्तावेज के अनुसार धारा 420 एवं 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। मामले की विवेचना सहायक उपनिरीक्षक बीरेंद्र कुजुर कर रहे हैं।

जांच पर टिकी निगाहें

यह मामला केवल कथित आर्थिक धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है। यदि जांच में यह साबित होता है कि सरकारी पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर लोगों से रकम ली गई, तो मामला गंभीर प्रशासनिक और विभागीय कार्रवाई का विषय भी बन सकता है। साथ ही, अन्य लोगों से रकम लेने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस जांच के निष्कर्ष के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

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