Skip to main content

AAJ24

[state_mirror_header]

DEO के आदेश से मचा हड़कंप, 324 शिक्षक-कर्मचारी कार्यमुक्त… कहीं ये शिगूफा तो नहीं?

DEO के आदेश से सूरजपुर में हड़कंप, 324 संलग्न शिक्षक-कर्मचारी कार्यमुक्त, VSK App से मिलेगा वेतन

Priyanshu Ranjan

शिक्षा मंत्री के संलग्नीकरण समाप्त करने के निर्देश के बाद सूरजपुर DEO की बड़ी कार्रवाई, जुलाई का वेतन VSK App की उपस्थिति से जोड़ने का आदेश

सूरजपुर | आज का दिन न्यूज

- Advertisement -

स्कूल शिक्षा मंत्री के संलग्नीकरण (अटैचमेंट) समाप्त करने के निर्देश के बाद सूरजपुर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के 324 संलग्न अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों को एकतरफा कार्यमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है। आदेश सामने आते ही जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

- Advertisement -

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जुलाई 2026 का वेतन VSK App में दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही भुगतान किया जाएगा। इससे सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों को अपने मूल पदस्थापना स्थल पर उपस्थिति दर्ज कराने की अनिवार्यता होगी।

जानकारी के अनुसार, जिले में वर्षों से संलग्नीकरण के आधार पर कई शिक्षक सहायक संचालक शिक्षा, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी (ABEO), छात्रावास अधीक्षक सहित विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्यरत थे। अब अचानक जारी हुए कार्यमुक्ति आदेश के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि संबंधित अधिकारी अपना प्रभार किसे सौंपेंगे और मूल विद्यालयों में कब कार्यभार ग्रहण करेंगे।

हाल ही में स्कूल शिक्षा विभाग ने बिना प्रतिनियुक्ति केवल संलग्नीकरण के आधार पर अन्य कार्यालयों एवं विभागों में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों की जानकारी सभी जिलों से तलब की थी। सूरजपुर जिले से 324 अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों की सूची शासन को भेजी गई थी। इसके बाद अब सभी को एक साथ कार्यमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया गया है।

See also  रायपुर: जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र अब पूरी तरह ऑनलाइन – CRS पोर्टल सुचारू, QR कोड विवाद सुलझा,,,

कहीं ये शिगूफा तो नहीं?

हालांकि आदेश जारी होने के बाद शिक्षा विभाग में चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है। कई अधिकारी और शिक्षक असमंजस में हैं कि वे तत्काल मूल पदस्थापना स्थल पर ज्वाइन करें या पहले प्रभार हस्तांतरण की औपचारिकताएं पूरी करें। दूसरी ओर, प्रशासनिक व्यवस्था और स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

यदि बड़ी संख्या में अधिकारी और शिक्षक एक साथ मूल विद्यालयों में लौटते हैं, तो जिला एवं विकासखंड स्तर के प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं। वहीं यदि आदेश का क्रियान्वयन चरणबद्ध हुआ या व्यावहारिक कठिनाइयों के चलते इसमें बदलाव करना पड़ा, तो यह सवाल भी उठ सकता है कि क्या यह कार्रवाई पूरी तरह लागू होगी या केवल शुरुआती सख्ती तक सीमित रह जाएगी?

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आदेश का जमीनी स्तर पर किस प्रकार पालन होता है और शिक्षा विभाग इस बदलाव से उत्पन्न होने वाली प्रशासनिक चुनौतियों से कैसे निपटता है।

Share This Article