भरत शर्मा की रिपोर्ट

सरवन | जिले के सरवन क्षेत्र में सायबर अपराधियों द्वारा फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ब्लैकमेलिंग करने का गंभीर मामला सामने आया है। थाना प्रभारी सरवन की सतर्कता एवं समझदारी से फरियादी एक बड़े आर्थिक एवं मानसिक संकट का शिकार होने से बच गया।
घटना का संक्षिप्त विवरण
थाना सारवान अंतर्गत फरियादी को एक अज्ञात युवती द्वारा व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया गया। कॉल के दौरान युवती द्वारा अश्लील हरकतें करते हुए फरियादी को बातचीत में उलझाया गया। इसके अगले दिन एक अन्य व्यक्ति (फ्रॉडस्टर) ने स्वयं को डीएसपी बताते हुए फरियादी को कॉल किया और धमकी दी कि उसके विरुद्ध गंभीर अपराध की शिकायत दर्ज हो चुकी है, उसे तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा
कथित फर्जी अधिकारी द्वारा फरियादी पर दबाव बनाते हुए कहा गया कि यदि कार्रवाई से बचना है तो उसकी शर्तें माननी होंगी। धमकियों से घबराकर फरियादी ने अपने परिजनों को पूरी घटना बताई, जिसके बाद परिजन फरियादी को लेकर तत्काल पुलिस थाना सरवन पहुंचे।
पुलिस की तत्परता से फ्रॉड होने से बचा
थाना प्रभारी अर्जुन सेमलियार द्वारा पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से सुनते हुए फरियादी को समझाया गया कि यह सायबर अपराधियों की पूर्व नियोजित ठगी की योजना है, जिसमें पहले अश्लील वीडियो कॉल कर फंसाया जाता है और बाद में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर डराकर पैसों की मांग की जाती है।थाना प्रभारी की सूझबूझ से फरियादी को न केवल मानसिक संबल मिला, बल्कि वह एक संभावित बड़े फ्रॉड से भी सुरक्षित रहा। प्रकरण की जानकारी सायबर सेल को भेजकर तकनीकी जांच प्रारंभ कर दी गई है।
सायबर फ्रॉड एडवाइजरी
पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के निर्देशन में सायबर सेल रतलाम द्वारा आमजन को सायबर ठगी से बचाव लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की
कोई भी पुलिस अधिकारी, डीएसपी, CBI, ED व्हाट्सएप/वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी या कार्रवाई की धमकी नहीं देता।
अश्लील वीडियो कॉल आने पर तुरंत कॉल काटें, स्क्रीनशॉट/रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखें।
किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी फोटो, वीडियो, OTP या बैंक जानकारी साझा न करें।
फर्जी अधिकारी डराकर पैसे मांगते हैं—घबराएं नहीं, तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
ऐसी स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस थाने या सायबर सेल को सूचना दें। 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
अपील
रतलाम पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि इस प्रकार के सायबर फ्रॉड से सतर्क रहें, अफवाहों व धमकियों से न घबराएं तथा किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
