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भैयाथान में कोयला लोड ट्रेलर की चपेट में आने से बाईक सवार महिला की मौके पर हुई मौत, दो घायल, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

Priyanshu Ranjan

सूरजपुर । भैयाथान क्षेत्र में भास्कर पारा कोल खदान से हो रहे कोयला परिवहन के बीच एक बार फिर तेज रफ्तार भारी वाहन ने दर्दनाक हादसे को जन्म दे दिया। कोयला लोड ट्रेलर की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश देखा गया और लोगों ने खदान से दौड़ रहे भारी वाहनों की रफ्तार एवं सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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बिंदा फ्यूल्स के पास हुआ दर्दनाक हादसा

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प्राप्त जानकारी के अनुसार भैयाथान ब्लॉक मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत केवरा स्थित बिंदा फ्यूल्स के पास यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि भास्कर पारा कोल खदान से कोयला परिवहन कर रही ट्रेलर वाहन क्रमांक CG13AT 7666 ने मोटरसाइकिल सवारों को अपनी चपेट में ले लिया, हादसा इतना भीषण था कि मोटरसाइकिल में सवार महिला की मौके पर ही मौत हो गई। मृतका सलका-कसकेला क्षेत्र की निवासी बताई जा रही है, वहीं मोटरसाइकिल में सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

कोल खदान शुरू होने के बाद बढ़े हादसे

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब से भास्कर पारा कोल खदान का संचालन प्रकाश इंडस्ट्रीज को मिला है और क्षेत्र में कोयला परिवहन शुरू हुआ है, तब से सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि संकरी और ग्रामीण सड़कों पर दिन-रात भारी ट्रेलर दौड़ रहे हैं, जिससे लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि सड़कें गांव और आम लोगों के आवागमन के लिए बनी थीं, लेकिन अब वे “कोयला कॉरिडोर” बनकर रह गई हैं।

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“खूनी रफ्तार” पर उठे सवाल

घटना के बाद लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि कोयला परिवहन में लगे कई वाहन तेज रफ्तार से दौड़ते हैं और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं और आम लोगों का सुरक्षित निकलना मुश्किल हो गया है। क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि यदि समय रहते परिवहन व्यवस्था को नियंत्रित नहीं किया गया, तो आने वाले समय में और बड़े हादसे हो सकते हैं।

मौके पर पहुंचे बसपा नेता नरेंद्र साहू

घटना की जानकारी मिलते ही बसपा नेता नरेंद्र साहू मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग की। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही दुर्घटनाएं प्रशासन और खदान प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करती हैं। उन्होंने मृतक परिवार को उचित मुआवजा, घायलों के बेहतर इलाज और भारी वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने की मांग की।

ग्रामीणों में डर और आक्रोश

घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अब सड़क पर निकलना भी खतरे से खाली नहीं रह गया है। लोगों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग और ग्रामीण हर समय दुर्घटना के भय में रहते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि भारी वाहनों की गति सीमा तय की जाए, संवेदनशील क्षेत्रों में ट्रैफिक नियंत्रण किया जाए, सड़क सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाए जाएं, खदान प्रबंधन की जवाबदेही तय हो।

प्रशासन के सामने बड़ा सवाल

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अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर लगातार हो रहे हादसों के बाद भी भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही पर रोक क्यों नहीं लग पा रही? क्या ग्रामीणों की सुरक्षा से ज्यादा प्राथमिकता सिर्फ कोयला परिवहन को दी जा रही है? यह सवाल अब पूरे क्षेत्र में गूंज रहा है।

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