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गो सम्मान आह्वान अभियान: सूरजपुर में 1.83 लाख नागरिकों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया,

Priyanshu Ranjan

देशव्यापी अभियान के दूसरे चरण में गो संरक्षण, केंद्रीय कानून और गोचर भूमि संरक्षण समेत 30 से अधिक मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे हजारों नागरिक,

सूरजपुर। देशव्यापी गो सम्मान आह्वान अभियान के द्वितीय चरण के तहत सूरजपुर में गो संरक्षण एवं गो सम्मान से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संयुक्त हस्ताक्षरित ज्ञापन कलेक्टर के माध्यम से सौंपा गया। अभियान के आयोजकों के अनुसार देशभर से 15 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों के साथ प्रार्थना-पत्र सरकार को भेजे गए हैं।

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सूरजपुर जिले की ओर से 1,83,578 नागरिकों के हस्ताक्षरों का संकलित डाटा 7,215 पृष्ठों तथा एक पेनड्राइव के माध्यम से कलेक्टर को सौंपा गया, जिसे भारत सरकार को प्रेषित किया जाना है। आयोजकों ने इसे जनभागीदारी का महत्वपूर्ण अभियान बताया।

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कार्यक्रम की शुरुआत गोमाता के पूजन, शंखनाद एवं ‘श्री राम जय राम जय जय राम’ विजय मंत्र के सामूहिक जप के साथ हुई। इसके बाद गोभक्तों ने झंडे, बैनर, प्लेकार्ड तथा भजन-कीर्तन के साथ रंगमंच मैदान से कलेक्ट्रेट तक शांतिपूर्ण प्रार्थना यात्रा निकाली। यात्रा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण, बलराम एवं गोमाता की झांकियां श्रद्धालुओं और आमजन के आकर्षण का केंद्र रहीं। महिलाओं, युवाओं, किसानों, व्यापारियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भागीदारी निभाई।

कलेक्ट्रेट पहुंचने पर संत-महात्माओं, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में देशभर में गोहत्या-निषेध के लिए केंद्रीय कानून बनाने, गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान देने, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने सहित 30 से अधिक मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया गया।

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अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा कि गोमाता भारतीय संस्कृति, कृषि, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जनकल्याण की महत्वपूर्ण आधारशिला रही है। उनके अनुसार गो संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण विकास से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है।

आयोजकों ने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में 27 अप्रैल 2026 को देशभर की लगभग 5,000 तहसीलों के माध्यम से 5 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र सरकार को सौंपे गए थे। अपेक्षित निर्णय नहीं होने के बाद दूसरे चरण में जिलास्तर पर पुनः अभियान चलाकर 15 करोड़ से अधिक हस्ताक्षरों के साथ अनुस्मारक ज्ञापन भेजा गया है।

कार्यक्रम में जिले के संत-महात्मा, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, मातृशक्ति, युवा, किसान, व्यापारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गोभक्त उपस्थित रहे।

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