बिजली दुकान से डेढ़ लाख का केबल चोरी से खुली कड़ी, पूछताछ में दो घरों में हुई चोरी के राज भी सामने आए
सूरजपुर/विश्रामपुर। विश्रामपुर थाना क्षेत्र में लगातार सामने आई चोरी की घटनाओं की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने दो विधि से संघर्षरत बालकों सहित चार आरोपियों को पकड़ा है। पुलिस की पूछताछ में एक बिजली दुकान और दो आवासीय मकानों में हुई चोरी की घटनाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। चोरी के सामान की कथित खरीद-फरोख्त के मामले में इम्तियाज खान और अर्जुन सोनी को भी गिरफ्तार किया गया है।
- बिजली दुकान से डेढ़ लाख का केबल चोरी से खुली कड़ी, पूछताछ में दो घरों में हुई चोरी के राज भी सामने आए
- डेढ़ लाख की बिजली दुकान चोरी से शुरू हुई जांच
- मुखबिर की सूचना ने जोड़ दी चोरी की कड़ियां
- पूछताछ में खुलीं दो और चोरियों की परतें
- चोरी का माल खरीदने वाले दो लोगों पर भी कार्रवाई
- अर्जुन सोनी का पुराना रिकॉर्ड भी जांच के घेरे में
- नाबालिग आरोपियों को किशोर न्याय बोर्ड में किया पेश
- तीन घटनाओं के खुलासे से उठे कई सवाल
- इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान इम्तियाज खान के कब्जे से 7 किलो 500 ग्राम केबल वायर बरामद किया गया है। वहीं दोनों विधि से संघर्षरत बालकों को नियमानुसार किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया है।
डेढ़ लाख की बिजली दुकान चोरी से शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत ग्राम केशवनगर मेन रोड स्थित बिजली दुकान में चोरी की शिकायत से हुई। दुकान संचालक नूरैन सिद्दीकी ने पुलिस को बताया था कि 5 सितंबर की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों ने दुकान का ताला तोड़कर कॉपर केबल और अन्य सामान चोरी कर लिया।
चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये बताई गई। शिकायत के आधार पर विश्रामपुर थाने में अपराध क्रमांक 216/2026 के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक सूरजपुर योगेश कुमार पटेल के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने संदिग्धों की तलाश शुरू की।
मुखबिर की सूचना ने जोड़ दी चोरी की कड़ियां
जांच के दौरान पुलिस को संदिग्धों के संबंध में मुखबिर से सूचना मिली। पुलिस ने दो विधि से संघर्षरत बालकों को पकड़ा और पूछताछ की।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में दोनों ने केशवनगर की बिजली दुकान में चोरी करना स्वीकार किया। उनके बताए अनुसार चोरी किए गए केबल वायर को जलाकर अंबिकापुर निवासी इम्तियाज खान को बेचने की बात सामने आई।
यहीं से पुलिस की जांच चोरी करने वालों से आगे बढ़कर चोरी का सामान खरीदने वालों तक पहुंची।
पूछताछ में खुलीं दो और चोरियों की परतें
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों बालकों ने विश्रामपुर क्षेत्र में चोरी की दो अन्य घटनाओं के बारे में भी जानकारी दी।
पहली घटना 12 जून 2026 को 1-बी कॉलोनी में मिथलेश गुप्ता के घर हुई थी। पुलिस के मुताबिक यहां से करीब 51 हजार रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर चोरी किए गए थे। कथित रूप से चोरी के जेवर अर्जुन सोनी को बेचने की बात सामने आई, जबकि नकदी खर्च कर दी गई।
दूसरी घटना मंगतराम चौक निवासी संतोष साहू के घर की बताई गई है। पुलिस के अनुसार यहां से करीब 50 हजार रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर चोरी किए गए थे। इन सामानों को भी कथित तौर पर अर्जुन सोनी को बेचने की बात जांच में सामने आई।
चोरी का माल खरीदने वाले दो लोगों पर भी कार्रवाई
पुलिस ने चोरी के सामान की कथित खरीद-फरोख्त के मामले में इम्तियाज खान (36), निवासी मोमिनपुरा, अंबिकापुर और अर्जुन सोनी (31), निवासी तलवापारा, शिवनंदनपुर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने चोरी का सामान खरीदने की बात स्वीकार की है। इम्तियाज खान के कब्जे से 7 किलो 500 ग्राम केबल वायर बरामद किया गया है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त का दायरा कितना बड़ा है और इस नेटवर्क में अन्य लोग तो शामिल नहीं हैं।
अर्जुन सोनी का पुराना रिकॉर्ड भी जांच के घेरे में
पुलिस के अनुसार अर्जुन सोनी पूर्व में भी चोरी का सामान खरीदने के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस ने उसे विश्रामपुर थाने का निगरानीशुदा बदमाश भी बताया है।
पुराने रिकॉर्ड और मौजूदा मामले में सामने आई कथित भूमिका के बाद पुलिस चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त से जुड़ी कड़ियों की भी पड़ताल कर रही है।
नाबालिग आरोपियों को किशोर न्याय बोर्ड में किया पेश
मामले में गिरफ्तार दोनों वयस्क आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है, जबकि दोनों विधि से संघर्षरत बालकों को किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस का कहना है कि तीनों चोरी की घटनाओं से जुड़े चोरी के सामान, आरोपियों की भूमिका और खरीद-फरोख्त की कड़ियों की जांच जारी है।
तीन घटनाओं के खुलासे से उठे कई सवाल
एक बिजली दुकान और दो घरों में चोरी की घटनाओं का एक ही जांच में सामने आना विश्रामपुर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। खास बात यह है कि पुलिस की जांच में चोरी करने वालों के साथ-साथ चोरी का माल खरीदने वाले कथित खरीदारों तक भी कार्रवाई पहुंची है।
हालांकि, पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रत्येक आरोपी की भूमिका का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
मामले के खुलासे में थाना प्रभारी रूपेश कुंतल, एएसआई हरिशंकर तिवारी, प्रधान आरक्षक दरश देवांगन और आरक्षक अजय प्रताप सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने तीन अलग-अलग चोरी की घटनाओं की कड़ियां जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई और चोरी के सामान की कथित खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की।