अंबिकापुर। असम में BSF की 66वीं बटालियन में पदस्थ सरगुजा जिले के जवान कमलेश केरकेट्टा (36) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से क्षेत्र में शोक का माहौल है। क्रिस्तापाड़ा कैंप से अचानक लापता होने के बाद जवान का शव बरामद किया गया। घटना को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में कई सवाल हैं और वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
जवान की मौत की खबर मिलते ही उनके गृह क्षेत्र बतौली के कपाटबाहरी गांव में मातम पसर गया। मंगलवार को कमलेश केरकेट्टा का पार्थिव शरीर गृहग्राम पहुंचा, जहां BSF अधिकारियों, जवानों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान जवान को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
कमलेश केरकेट्टा की अचानक और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा होना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से घटना की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
फिलहाल जवान की मौत से जुड़े परिस्थितिजन्य पहलुओं और घटना के कारणों को लेकर जांच की प्रक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। परिजन चाहते हैं कि जांच पारदर्शी तरीके से हो और मौत की वास्तविक वजह सामने आए।