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ढाई साल में आदिवासी विकास की नई तस्वीर: शिक्षा, रोजगार और वनाधिकार में छत्तीसगढ़ ने दर्ज की बड़ी उपलब्धियां

Priyanshu Ranjan

मंत्री रामविचार नेताम और प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने प्रेसवार्ता में आदिम जाति विकास विभाग की उपलब्धियां और आगामी योजनाएं साझा कीं

रायपुर, 13 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में आदिवासी समाज के शिक्षा, रोजगार, वनाधिकार, संस्कृति और सामाजिक विकास के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम और विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने सोमवार को आयोजित संयुक्त प्रेसवार्ता में विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।

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43 जनजातियों के समग्र विकास पर फोकस

मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि राज्य की लगभग 30.62 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित है। प्रदेश की 43 जनजातियों एवं उनके उपसमूहों के समग्र विकास के लिए शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक उत्थान से जुड़ी अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर बनाना है।

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शिक्षा और छात्रवृत्ति व्यवस्था में सुधार

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति वितरण प्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। वर्ष 2025-26 में 84,702 विद्यार्थियों को 94.57 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी गई। प्रदेश में वर्तमान में 2,817 आश्रम एवं छात्रावास संचालित हैं, जहां लाखों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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एकलव्य विद्यालयों ने बढ़ाया प्रदेश का मान

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि राज्य के 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 27 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में 55 स्वर्ण, 43 रजत और 64 कांस्य सहित कुल 162 पदक जीतकर छत्तीसगढ़ को देश में दूसरा स्थान दिलाया है।

युवाओं को मिलेगा नया अवसर

आदिवासी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की युवा करियर निर्माण योजना के तहत अब तक 164 युवाओं का चयन विभिन्न अखिल भारतीय एवं राज्य स्तरीय सेवाओं में हुआ है। सरकार अगले वर्ष से इसे और विस्तार देते हुए सीजी-एसीई (CG-ACE) योजना शुरू करेगी। इसके अलावा प्रयास आवासीय विद्यालय, खेल परिसर और विशेष शिक्षण केंद्रों के माध्यम से भी युवाओं को मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

वनाधिकार और संस्कृति संरक्षण पर विशेष ध्यान

सरकार ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश में 4.28 लाख से अधिक व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टे तथा हजारों सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र वितरित किए जा चुके हैं। वहीं 19 हजार मामलों में से 16 हजार से अधिक का निराकरण किया गया है। जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए देवगुड़ी निर्माण एवं मरम्मत योजना, जनजातीय गौरव दिवस और शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव जैसे कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।

पीएम-जनमन योजना में राष्ट्रीय सम्मान

विशेष पिछड़ी जनजातियों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित पीएम-जनमन (प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान) के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है।

बजट में बड़ा प्रावधान, नई परियोजनाओं पर जोर

वर्ष 2026-27 के बजट में आदिम जाति विकास विभाग के लिए 2,136.26 करोड़ रुपये तथा जनजातीय उपयोजना के तहत 42,165.95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आगामी योजनाओं में कोरबा में खेल परिसर, बीजापुर में 500 सीटों वाला प्रयास आवासीय विद्यालय, नारायणपुर और सुकमा में एजुकेशन सिटी, नए छात्रावास-आश्रम भवनों का निर्माण तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक अध्ययन भ्रमण जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

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प्रेसवार्ता में डॉ. जगदीश सोनकर, राहुल वेंकट और हीना अनिमेष नेताम सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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