सादरी भाषा बनी पहचान का आधार, शंकरगढ़ के बेलकोना गांव से जुड़े परिजनों तक पहुंची टीम
सूरजपुर, 11 जुलाई 2026। सूरजपुर के सखी वन स्टॉप सेंटर ने संवेदनशीलता और सूझबूझ का परिचय देते हुए एक माह से परिवार से बिछड़ी मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को उसके परिजनों से मिलाने में सफलता हासिल की। महिला की पहचान उसकी बोली के आधार पर हुई और उसे सुरक्षित परिवार के सुपुर्द किया गया।
जानकारी के अनुसार, जयनगर थाना क्षेत्र के शिवसागरपुर में मिली महिला अपनी पहचान बताने की स्थिति में नहीं थी। काउंसलिंग के दौरान टीम को पता चला कि वह सादरी भाषा समझती है। इसी भाषा में बातचीत करने पर महिला ने अपना गांव बेलकोना, शंकरगढ़ (जिला बलरामपुर) बताया।
सखी वन स्टॉप सेंटर ने जनप्रतिनिधियों की मदद से गांव में संपर्क किया, जहां सत्यापन के बाद पता चला कि महिला करीब एक माह से लापता थी। सूचना मिलने पर उसका भाई सूरजपुर पहुंचा और भावुक माहौल में दोनों का मिलन हुआ।
सखी वन स्टॉप सेंटर की इस पहल ने संवेदनशीलता, धैर्य और प्रभावी संवाद के जरिए एक बिछड़े परिवार को फिर से मिलाने की मिसाल पेश की।