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नवगठित सक्ती जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना में रचा नया कीर्तिमान,,,

Priyanshu Ranjan

प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुँचा सक्ती जिला – 30 हजार से अधिक परिवारों को मिला पक्का घर

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रायपुर, 17 अक्टूबर 2025 /

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छत्तीसगढ़ के नवगठित सक्ती जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के सफल क्रियान्वयन में एक नया इतिहास रच दिया है। नवगठित जिला होने के बावजूद, सक्ती ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए वर्ष 2024-25 में 30 हजार 512 आवास पूर्ण कर प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि न केवल संख्यात्मक सफलता का प्रतीक है, बल्कि उन हजारों परिवारों के जीवन में आई स्थिरता, सुरक्षा और सम्मान की कहानी भी है, जिन्होंने वर्षों तक कच्चे और असुरक्षित मकानों में जीवन व्यतीत किया था।

कच्चे से पक्के घरों तक का सफर- सक्ती बना मिसाल

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सक्ती जिले में अब तक वर्ष 2016 से 2023 तक कुल 44 हजार 319 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया, जो 95ः लक्ष्य प्राप्ति दर्शाता है। वहीं, वर्ष 2024-25 में 30 हजार से अधिक मकान पूर्ण कर जिले ने मिशन मोड में कार्य का उदाहरण प्रस्तुत किया है। हर ग़रीब का पक्का घर राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता रही है । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छतीसगढ़ के सभी जिलों में

यह योजना प्रभावी ढंग से संचालित हुई। नियमित फील्ड विजिट, समयबद्ध वित्तीय सहायता, और हितग्राहियों के साथ सतत संवाद के परिणामस्वरूप यह उल्लेखनीय प्रगति संभव हुई।

टीमवर्क और जनसहभागिता से मिली सफलता

जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती द्रौपदी कीर्तन चंद्रा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “हमारी प्राथमिकता रही है कि पात्र परिवारों तक योजना का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचे। टीमवर्क और ग्रामीणों के सहयोग से ही यह संभव हुआ है।” कलेक्टर ने कहा, “प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं है, बल्कि यह हर ग्रामीण परिवार को सम्मानजनक जीवन देने का प्रयास है। सक्ती जिला इसी दिशा में सतत प्रगति कर रहा है।”

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वित्तीय पारदर्शिता और तेज क्रियान्वयन

वर्ष 2024-25 के लिए जिले को कुल 63 हजार 591 आवासों का लक्ष्य मिला, जिनमें से 52हजार 913 आवासों को स्वीकृति दी गई। निर्माण कार्य की गति बनाए रखने हेतु सरकार द्वारा तीन किश्तों में वित्तीय सहायता प्रदान की गई । पहली किश्त में 51हजार 427 हितग्राहियों को,दूसरी किश्त में 40 हजार 318 हितग्राहियों को और तीसरी किश्त में 25 हजार 65 हितग्राहियों को वित्तीय सहायता दी गई। समय पर किश्तें जारी होने से निर्माण कार्यों में तेजी आई और निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य पूरा किया जा सका।

गरीब परिवारों के जीवन में आया बदलाव

प्रधानमंत्री आवास योजना ने ग्रामीण अंचलों के गरीब परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास की नई किरण जगाई है। पक्के घरों के निर्माण से बच्चों को बेहतर पढ़ाई का माहौल मिला, बुजुर्गों को मौसम से सुरक्षा मिली और महिलाओं को घर-परिवार के संचालन में सुविधा हुई। यह योजना अब केवल आवास निर्माण कार्यक्रम नहीं रह गई है, बल्कि यह ग्रामीण भारत के सामाजिक सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुकी है।

मोर आवास, मोर अधिकार पोर्टल -पारदर्शिता की दिशा में पहल

शासन द्वारा प्रारंभ किया गया “मोर आवास, मोर अधिकार” पोर्टल हितग्राहियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। इसके माध्यम से कोई भी पात्र व्यक्ति अपने आवेदन की स्थिति और पात्रता की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकता है, जिससे योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है।

प्रधानमंत्री आवास योजना की समय पर किस्त जारी

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत हितग्राहियों को कुल 1 लाख 20 हजार की सहायता राशि तीन किश्तों में प्रदान की जाती है जिसके अन्तर्गत प्रथम किश्त में 40हजार, द्वितीय किश्त में 55 हजार और तृतीय किश्त में 25 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाती है। इसका उद्देश्य है कि कोई भी ग्रामीण परिवार बेघर न रहे और प्रत्येक पात्र हितग्राही को सुरक्षित, टिकाऊ और सम्मानजनक आवास प्राप्त हो सके।

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सक्ति की सफलता – प्रदेश और देश के लिए प्रेरणा

सक्ति जिले की यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह दर्शाती है कि जब प्रशासन, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण समाज मिलकर कार्य करते हैं, तो बड़े लक्ष्य भी समय पर प्राप्त किए जा सकते हैं।

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