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शासकीय रेवती रमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर में बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों द्वारा “फ्लोरीकल्चर एवं गार्डनिंग” के अंतर्गत तैयार किए गए प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन संपन्न,

Priyanshu Ranjan

सूरजपुर । शासकीय रेवती रमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर में बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों द्वारा “फ्लोरीकल्चर एवं गार्डनिंग” विषय के अंतर्गत तैयार किए गए प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन मंगलवार को संपन्न हुआ ।

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    विद्यार्थियों ने पौधों एवं फूलों से सजावट की विभिन्न विधियों का अध्ययन कर अपनी रचनात्मकता और व्यावहारिक कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

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    यह अध्ययन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत संचालित कुशलता संवर्धन पाठ्यक्रम (एसईसी) का हिस्सा है, जिसके तहत प्रत्येक सम संख्या वाले सेमेस्टर में विद्यार्थियों को एक कौशल आधारित विषय का अध्ययन करना अनिवार्य किया गया है।

     इसी क्रम में बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने “फ्लोरीकल्चर एवं गार्डनिंग” विषय का चयन कर पौधों की सजावट, रोपण एवं संरक्षण की तकनीकों का अध्ययन किया।

विद्यार्थियों ने तैयार किए आकर्षक सजावटी प्रारूप-

    अध्ययन के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न सजावटी पौधों को गमलों में रोपित कर उनसे आकर्षक डिजाइन एवं सजावटी प्रारूप तैयार किए। विद्यार्थियों द्वारा पौधों की सजावट में नवीनता, कलात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का समावेश देखने को मिला। प्रस्तुत किए गए प्रोजेक्ट्स में विभिन्न प्रकार की गार्डनिंग शैली, इनडोर एवं आउटडोर प्लांट सजावट, गमलों की कलात्मक संरचना तथा पौधों के सौंदर्यात्मक उपयोग को प्रदर्शित किया गया। विद्यार्थियों की रचनात्मकता और तकनीकी समझ की शिक्षकों द्वारा सराहना की गई।

वनस्पति शास्त्र विभाग ने दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण-

     महाविद्यालय के वनस्पति शास्त्र विभाग द्वारा इस विषय का अध्यापन कराया जा रहा है। विभागाध्यक्ष श्री टी.आर. राहंगडाले के नेतृत्व में अतिथि व्याख्याता डॉ. सुप्रिया तिवारी एवं सुश्री उज्जैनी किशोर ने विद्यार्थियों को विषय का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पौधों के चयन, रोपण, रखरखाव, सजावटी उपयोग और गार्डनिंग तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि फ्लोरीकल्चर और गार्डनिंग आज के समय में स्वरोजगार एवं उद्यमिता का बेहतर माध्यम बन सकता है।

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विद्यार्थियों ने लिया पौधों की देखरेख का संकल्प-

     कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने महाविद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प भी लिया। विद्यार्थियों ने कहा कि वे अपने अध्ययन काल तक पौधों की सुरक्षा एवं संरक्षण की जिम्मेदारी निभाएंगे ताकि महाविद्यालय परिसर हराभरा और सुंदर बना रहे। विद्यार्थियों की इस पहल को पर्यावरण संरक्षण और सौंदर्य संवर्धन की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

प्राचार्य डॉ. दुबे ने की सराहना-

     महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एच.एन. दुबे ने विद्यार्थियों के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक और रोजगारपरक कौशल से भी जोड़ना है।

   उन्होंने कहा कि फ्लोरीकल्चर एवं गार्डनिंग जैसे पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ भविष्य में आर्थिक उपार्जन का माध्यम भी बन सकते हैं। इस प्रकार के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में रचनात्मकता, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित होती है। प्राचार्य ने यह भी कहा कि विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए सजावटी पौधे एवं संरचनाएं आने वाले समय में अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगी तथा महाविद्यालय परिसर की सुंदरता को भी बढ़ाएंगी।

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