सूरजपुर। सरगुजा संभाग में नशीले इंजेक्शनों के अवैध कारोबार के खिलाफ संभागीय आबकारी उड़नदस्ता प्रभारी, सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को सूरजपुर जिले के थाना जयनगर क्षेत्र से टीम ने एक आरोपी को 42 नग नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
कार्रवाई का विवरण
मुखबिर से सूचना मिली थी कि महुआरी अरसोता जंगल में एक व्यक्ति नशीले इंजेक्शन बेच रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा। पूछताछ में उसकी पहचान प्रदीप राजवाड़े (निवासी कमलापुर, थाना विश्रामपुर) के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उसके पास से 21 नग REXOGESIC और 21 नग AVIL इंजेक्शन बरामद किए गए। आरोपी की मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है और उसके खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
कार्रवाई के बाद भी ‘सप्लाई लाइन’ पर सवाल
रंजीत गुप्ता की टीम द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई—जैसे अंबिकापुर में वाहिद अंसारी की गिरफ्तारी, सप्लायर मोशीम अंसारी से बड़ी मात्रा में इंजेक्शन की बरामदगी और अब सूरजपुर में प्रदीप राजवाड़े की गिरफ्तारी—यह बताती है कि नशे का नेटवर्क काफी गहरा है।
हालांकि, हर कार्रवाई के साथ एक बड़ा सवाल कायम है:
* इन छोटे विक्रेताओं तक नशीली दवाइयां कौन पहुंचा रहा है?
क्या मुख्य सप्लायर अभी भी जांच के दायरे से बाहर हैं?
क्या जब्त इंजेक्शनों के बैच नंबर की जांच से असली नेटवर्क का पता लगाया जाएगा?
क्या बोले आबकारी अधिकारी?
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि सूरजपुर में यह पांचवीं बड़ी कार्रवाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आसपास के सभी जिलों में नशे के सौदागरों पर पैनी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक कि नशे की सप्लाई चेन को पूरी तरह से ध्वस्त नहीं कर दिया जाता।
सरगुजा संभाग में अवैध नशे का स्वरूप लगातार बदल रहा है। अब चुनौती केवल छोटे विक्रेताओं को पकड़ने की नहीं, बल्कि उस मुख्य कड़ी तक पहुंचने की है जो इस अवैध कारोबार का मास्टरमाइंड है।