AAJ24

[state_mirror_header]

मध्यप्रदेश के आईपीएस अभिषेक तिवारी का इस्तीफा : बालाघाट, सागर और रतलाम में एसपी रहे,वीरता पुरस्कार से हो चुके हैं सम्मानित,वर्तमान में एनटीआरओ दिल्ली में पदस्थ

Priyanshu Ranjan

भरत शर्मा की रिपोर्ट

- Advertisement -

euq85u28 ips abhishek tiwari

- Advertisement -

दिल्ली रतलाम/मध्यप्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अभिषेक तिवारी ने सेवा से इस्तीफा देते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए आवेदन किया है. रतलाम, बालाघाट और सागर में एसपी रह चुके हैं उन्होंने इसकी औपचारिक जानकारी केंद्र और राज्य सरकार को दे दी है. फिलहाल वे दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर नेशनल टेक्नोलॉजी रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (NTRO) में सेवाएं दे रहे हैं.

वर्षों से दिल्ली प्रतिनियुक्ति पर थे अभिषेक तिवारी

जानकारी के अनुसार, आईपीएस अभिषेक तिवारी पिछले दो वर्षों से दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं. इससे पहले वे मध्यप्रदेश के बालाघाट और सागर जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण अभियानों का नेतृत्व किया और प्रभावी पुलिसिंग के लिए पहचाने गए.

निजी कारणों का हवाला, इस्तीफे की वजह स्पष्ट नहीं

पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए बताया कि अभिषेक तिवारी ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए VRS के लिए आवेदन किया है. हालांकि, उनके इस्तीफे के पीछे के वास्तविक कारणों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. चर्चाएं हैं कि VRS स्वीकृत होने के बाद वे किसी नए क्षेत्र में कार्य कर सकते हैं.

सम्मान और उपलब्धियों से भरा रहा IPS करियर

आईपीएस अभिषेक तिवारी को मध्यप्रदेश में उत्कृष्ट पुलिस सेवा के लिए दो बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जा चुका है. इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा भी उन्हें कई विशेष अभियानों और कार्यों के लिए सम्मान मिला है. उनका करियर अनुशासन, नवाचार और सख्त प्रशासनिक निर्णयों के लिए जाना जाता रहा है.

See also  छत्तीसगढ़ में 2028 तक हर ग्रामीण घर में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य, मुख्य सचिव ने दिए कड़े निर्देश,,,

सागर की घटना के बाद हटाए गए थे एसपी पद से

उल्लेखनीय है कि सागर जिले में एसपी रहते हुए उनके कार्यकाल में एक बड़ी घटना सामने आई थी. बारिश के दौरान दीवार धंसने से नौ मासूम बच्चों की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद सरकार ने तत्काल प्रभाव से उन्हें एसपी पद से हटा दिया था. इसके बाद वे प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली चले गए थे

VRS पर अंतिम फैसला अब भी लंबित

फिलहाल आईपीएस अभिषेक तिवारी का VRS आवेदन विभिन्न स्तरों पर स्वीकृति के लिए लंबित है. विभागीय प्रक्रिया के तहत पुलिस विभाग की रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय गृह मंत्रालय की अनुमति जरूरी होगी. साथ ही मध्यप्रदेश गृह विभाग भी VRS को मंजूरी देने पर अंतिम निर्णय लेगा.

Share This Article