अंबिकापुर। शहर के गांधीनगर थाना क्षेत्र के पटपरिया में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे एनएसयूआई छात्र नेता ज्ञान प्रकाश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को 14 सितंबर को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस सरगुजा जिलाध्यक्ष ने ज्ञान प्रकाश तिवारी को पार्टी एवं छात्र संगठन के पद से निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, एमसीबी जिले के चिरमिरी गोदरीपारा निवासी अंतरा शाह (19) अंबिकापुर के पटपरिया में अपनी दीदी और जीजा के साथ रहकर राजीव गांधी पीजी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। 11 सितंबर को कॉलेज से लौटने के बाद वह खाना खाकर अपने कमरे में चली गई थी। अगले दिन सुबह परिजनों ने उसे कमरे में नहीं पाया। तलाश के दौरान बाथरूम की खिड़की से देखने पर छात्रा का शव फंदे से लटका मिला।
घटना की जानकारी मिलने के बाद छात्रा की कुछ सहेलियां भी मौके पर पहुंचीं। परिजनों को उनके द्वारा कथित तौर पर बताया गया कि छात्रा को निजी चैट और वीडियो परिजनों को दिखाने की बात कहकर परेशान एवं ब्लैकमेल किया जा रहा था। इस संबंध में छात्रा के जीजा निलेश गुप्ता की रिपोर्ट पर गांधीनगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने जांच के दौरान छात्रा का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। मामले में साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। घटना के बाद आरोपी फरार चल रहा था, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही थी।
थाने के घेराव के बाद तेज हुई कार्रवाई
मामले में आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं एवं छात्रा के परिजनों ने गांधीनगर थाने के सामने प्रदर्शन किया था। 12 सितंबर की रात प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई का पुतला भी जलाया गया और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 14 सितंबर को फरार चल रहे ज्ञान प्रकाश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अब मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
कांग्रेस ने पद और पार्टी से किया निलंबित
मामला सामने आने के बाद कांग्रेस सरगुजा जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने ज्ञान प्रकाश तिवारी के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई करते हुए उसे कांग्रेस तथा पार्टी के छात्र संगठन से निलंबित कर दिया। बताया गया कि ज्ञान प्रकाश तिवारी संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय एनएसयूआई प्रभाग के उपाध्यक्ष के पद पर था।
निलंबन आदेश में उसके खिलाफ दर्ज गंभीर आपराधिक मामले का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि प्रथम दृष्टया सामने आई गतिविधियां पार्टी की नीतियों, संविधान एवं आदर्श आचरण के अनुरूप नहीं हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर उसके खिलाफ स्थायी निष्कासन की कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छात्रा को किन परिस्थितियों में मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा। पुलिस जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की संभावना है।