सूरजपुर। प्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गोंदा में हरिनन्दन राजवाड़े के अपहरण और मारपीट के बाद हुई मौत के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर दोबारा न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। थाना प्रतापपुर पुलिस द्वारा दाखिल पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार करते हुए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, प्रतापपुर ने 27 जुलाई 2026 को पारित पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया। इसके बाद 6 अगस्त को पेश किए गए रिमांड आवेदन पर न्यायालय ने सभी आरोपियों को 20 अगस्त 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेजने का आदेश दिया।
मामले के अनुसार, 24 जुलाई 2026 को ग्राम गोंदा निवासी सम्पतिया पति राजेन्द्र सूर्यवंशी ने थाना प्रतापपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक 23 जुलाई की रात करीब 8.30 बजे हरिनन्दन राजवाड़े अपने साथी राहुल शर्मा और तुषार के साथ उसके घर पहुंचा था। रात करीब 9 बजे ग्राम केंवरा के ललित राजवाड़े, सकल राजवाड़े, चंदन कसेरा सहित अन्य लोग मोटरसाइकिलों से वहां पहुंचे और घर में घुसकर हरिनन्दन के साथ मारपीट की। आरोप है कि आरोपियों ने उसे घर से बाहर खींचकर ले गए और रास्ते में भी मारपीट की।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने और उसके पति ने हरिनन्दन को बचाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की और हरिनन्दन को मोटरसाइकिल से अपने साथ ले गए। घटना की सूचना डायल-112 को देने के बाद परिजन आरोपियों का पीछा करते हुए भैंसामुड़ा की ओर पहुंचे। केंवरा चौक के पास हरिनन्दन गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। डायल-112 की मदद से उसे प्रतापपुर अस्पताल ले जाया गया।
रिपोर्ट के आधार पर थाना प्रतापपुर में अपराध क्रमांक 211/2026 दर्ज कर बीएनएस की विभिन्न धाराओं 296, 351(2), 115(2), 109(1), 140(1), 331(6), 190, 191(1), 191(3) एवं 103(1) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक सूरजपुर योगेश कुमार पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। विवेचना के दौरान पुलिस ने प्रार्थी एवं गवाहों के बयान, घटनास्थल का निरीक्षण, मर्ग इंटीमेशन सहित अन्य साक्ष्य संकलित किए। इसके बाद पुलिस ने 27 जुलाई को ललित राजवाड़े, सकल प्रसाद, आशुतोष राजवाड़े, शिवम कुमार राजवाड़े, रजय गुप्ता, भुनेश्वर प्रसाद राजवाड़े, सुनील राजवाड़े, शिव कुमार राजवाड़े, राजू उर्फ सतीश राजवाड़े और मनोज कुमार राजवाड़े को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में प्रार्थी द्वारा आरोपियों की शिनाख्त कराई गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा घटना में शामिल होना स्वीकार किए जाने की बात पुलिस ने कही है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 3 डंडे और 4 मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं।
इसके बाद आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजने के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया था। हालांकि, न्यायालय ने रिमांड आवेदन खारिज करते हुए आरोपियों को 50-50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया था।
इस आदेश के विरुद्ध थाना प्रतापपुर पुलिस ने जिला अभियोजन अधिकारी के मार्गदर्शन में पुनरीक्षण याचिका जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, प्रतापपुर के न्यायालय में दाखिल की। न्यायालय ने पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए 27 जुलाई 2026 के पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया।
इसके बाद पुलिस ने 6 अगस्त 2026 को आरोपियों के न्यायिक रिमांड के लिए पुनः प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। न्यायालय ने सभी 10 आरोपियों को 20 अगस्त 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेजने का आदेश दिया।
मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश और पतासाजी पुलिस द्वारा लगातार की जा रही है।




