रायपुर, 8 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर साय सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए कई सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन हजारों सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को अब तक निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें और यूनिफॉर्म उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार की प्रशासनिक विफलता और शिक्षा के प्रति गंभीर उदासीनता को दर्शाता है।
वंदना राजपूत ने कहा कि सबसे खराब स्थिति बेमेतरा जिले में देखने को मिल रही है, जहां उनके अनुसार अभी तक किसी भी स्कूल में विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि समय पर किताबें नहीं मिलने से विद्यार्थी अपना पाठ्यक्रम कैसे पूरा करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री लगातार नए-नए नियमों की घोषणा कर रहे हैं, लेकिन उनका असर केवल कागजों तक सीमित है। दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि भिलाई क्षेत्र के रानी तराई में शिक्षकों की कमी को लेकर अभिभावकों ने स्कूल में ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन भी किया।
कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा सरकार मंचों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। गरीब परिवारों के बच्चे बिना यूनिफॉर्म और किताबों के स्कूल जाने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यदि स्कूल खुलने की तारीख पहले से तय थी, तो समय पर किताबों और यूनिफॉर्म की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
वंदना राजपूत ने सरकार से पूछा कि क्या शिक्षा विभाग पूरी तरह विफल हो चुका है, इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है और क्या बच्चों का भविष्य भी केवल फाइलों और बैठकों तक सीमित रहेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता शिक्षा नहीं, बल्कि केवल प्रचार है। यदि सरकार वास्तव में शिक्षा को लेकर गंभीर होती तो प्रदेश का कोई भी बच्चा किताब, यूनिफॉर्म और शिक्षकों जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं रहता। उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होता है, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे भी राजनीति और प्रचार का विषय बना दिया है।
(यह समाचार छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।)