भरत शर्मा की रिपोर्ट
भोपाल 29 मार्च मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने कहा है कि महिलाओं की चिंता होने का दम भरने वाली भारतीय जनता पार्टी सबसे पहले उन नेताओं को अपनी पार्टी से निकले जिनके ऊपर महिलाओं के साथ अभद्रता करने के मुकदमे दर्ज हुए हैं। भाजपा का हाथ महिलाओं के साथ दुराचार करने वालों के साथ है महिलाओं के साथ अनैतिकता करने वाले मामलों के जल्द निपटारे के लिए पूरे देश में विशेष न्यायालय का गठन किया जाएं।

- भरत शर्मा की रिपोर्ट
- भोपाल 29 मार्च मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने कहा है कि महिलाओं की चिंता होने का दम भरने वाली भारतीय जनता पार्टी सबसे पहले उन नेताओं को अपनी पार्टी से निकले जिनके ऊपर महिलाओं के साथ अभद्रता करने के मुकदमे दर्ज हुए हैं। भाजपा का हाथ महिलाओं के साथ दुराचार करने वालों के साथ है महिलाओं के साथ अनैतिकता करने वाले मामलों के जल्द निपटारे के लिए पूरे देश में विशेष न्यायालय का गठन किया जाएं।
- रीना बौरासी सेतिया ने कहा कि हाल ही में लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के द्वारायह बताया गया कि वर्ष 2019 से लेकर 2023 तक के 5 साल के दौरान मध्य प्रदेश में 62000 से ज्यादा बालिकाएं लापता हुई। भारत सरकार के द्वारा लोकसभा में दी गई यह जानकारी मध्यप्रदेश में बालिकाओं और महिलाओं की असुरक्षा की स्थिति को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि वोट के लिए लाडली बहना योजना का संचालन करना और फिर सरकार के खजाने से बहनों को हर माह 1500 रुपए का भुगतान करना एक अलग बात है और महिलाओं को बहन मानकर अपना फर्ज अदा करना एक अलग बात है। यदि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव प्रदेश की लाडली बहनों को सुरक्षा का कवच नहीं पहन सकते हैं तो लाडली बहना योजना जैसी योजनाओं का संचालन करने का कोई औचित्य नहीं है। सरकार को चाहिए कि वह महिलाओं की सुरक्षा के मामले को सबसे ज्यादा प्राथमिकता में घोषित करें। इन मामलों को प्राथमिकता दिए बगैर हम अपने प्रदेश में ना तो बच्चियों को सुरक्षित रख सकते हैं और ना ही उनकी इज्जत को सुरक्षित रख सकते हैं।
रीना बौरासी सेतिया ने शनिवार को बोलकर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि इस समय गोवा में भाजपा पार्षद सुशांत नायक के बेटे सोहम सुशांत नायक ने लगभग 20-30 नाबालिग बच्चियों का सामूहिक बलात्कार और यौन उत्पीड़न किए जाने का मामला चर्चा में है। यह आरोपी इन बच्चियों के वीडियो बनाकर वायरल करता रहा। यह काम वह पिछले 3 साल से लगातार कर रहा था, लेकिन वहां की भाजपा सरकार चुप थी। वहां की पुलिस, सरकार, मुख्यमंत्री का कहना था कि इस बारे में उन्हें कुछ पता ही नहीं था। जब पीड़ित परिवार के साथ लोग सड़कों पर उतरे तो मामला दर्ज किया गया। यह कोई इस तरह का पहला मामला नहीं है। बृजभूषण शरण सिंह के मामले से पूरा देश वाकिफ है। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हो जाने के बावजूद भाजपा की सरकार ने देश की बेटियां बल्कि देश का ग़ैरव बढ़ाने वाली पहलवान बेटियों के साथ छेडछाड ओर अश्लील हरकत करने के आरोपी इस पूर्व सांसद को राजनीतिक ताकत से बचाया है। हमेशा महिला अस्मिता की बात करने वाली भाजपा को चाहिए कि उसकी पार्टी के जितने नेताओं पर महिलाओं के साथ अभद्रता, बलात्कार आदि के मुकदमे दर्ज हैं उन सभी नेताओं को पार्टी से निकालें।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने देश में महिला आरक्षण लाकर महिलाओं को राजनीति में उनका अधिकार देने की पहल की थी। उस समय पर भाजपा ने इस कार्य में रोडे लटकाए थे। अब भाजपा की सरकार महिला आरक्षण लाकर खुद को महिलाओं की हितेषी होने का दावा करना चाहती है। मेरी मांग है कि यदि सरकार को महिलाओं की इतनी चिंता है तो पूरे देश में महिलाओं के साथ होने वाली अभद्रता बलात्कार और इस तरह की घटनाओं के मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय का गठन किया जाएं। यह व्यवस्था की जाए कि इन न्यायालय में फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह सुनवाई होगी और त्वरित फैसला होगा। इस न्यायालय के द्वारा दिए गए फैसले पर होने वाली अपील के निराकरण की भी समय सीमा तय की जाएं।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश को तो पूरे देश में महिलाओं पर सबसे ज्यादा अत्याचार करने वाले प्रदेश के रूप में पहचाना जाता है। हमारे प्रदेश की पहचान पर महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार एक कलंक का टीका है। इस कलंक को मिटाने के लिए राज्य सरकार को पहल करना चाहिए लेकिन लगातार यह देखने में आ रहा है कि सरकार की रुचि दुष्कर्म के आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई का डंडा चलाने में नहीं है।
