सूरजपुर। रेलवे विभाग में भृत्य (चपरासी) की नौकरी लगाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले फरार दूसरे आरोपी को थाना जयनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में एक आरोपी की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी थी, जबकि दूसरा लंबे समय से फरार चल रहा था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम आमगांव निवासी बालरूप सिंह ने 4 मई 2025 को थाना जयनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सितंबर 2023 में उसके परिचित अज्जू सिंह (निवासी ठाकुरपुर, थाना गांधीनगर) ने रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर उससे 2 लाख 38 हजार 600 रुपये लिए थे। नौकरी नहीं लगने पर आरोपी ने 70 हजार रुपये वापस कर दिए, लेकिन शेष राशि लौटाने से इनकार कर दिया।
प्रार्थी की शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 122/2025 धारा 420, 34 भादंवि के तहत मामला दर्ज किया।
पहले एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा था फरार
पुलिस ने 6 मई 2025 को आरोपी अज्जू सिंह को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने अपने सहयोगी सुदामा दास के साथ मिलकर धोखाधड़ी करना स्वीकार किया। दोनों ने मिलकर प्रार्थी और उसके भाई से कुल 2,38,600 रुपये लिए थे। घटना के बाद से सुदामा दास फरार था।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी
डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान फरार आरोपियों की तलाश तेज की गई। इसी क्रम में सूचना मिली कि आरोपी सुदामा दास (निवासी मरौल बरडीपा टोला, थाना बगीचा, जिला जशपुर) क्षेत्र में देखा गया है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उसने अज्जू सिंह के साथ मिलकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करना स्वीकार किया। आरोपी को 17 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक कार्यवाही के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
पुलिस टीम की भूमिका
इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन, एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी जयनगर रूपेश कुन्तल एक्का, एसआई सोहन सिंह सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी निजी व्यक्ति को पैसे न दें। किसी प्रकार की शंका होने पर तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस हेल्पलाइन से संपर्क करें।



