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बंद कमरे में जलती सिगड़ी बनी मौत का कारण? सूरजपुर के चंद्रपुर में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक मौत,

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By Aaj 24

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत चंद्रपुर में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई है। मृतकों में पति-पत्नी और उनकी चार वर्षीय मासूम बेटी शामिल हैं। प्रारंभिक आशंका जहरीली गैस से दम घुटने की जताई जा रही है।

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जानकारी के अनुसार कवल सिंह (28 वर्ष), उनकी पत्नी कुंती (25 वर्ष) और बेटी मामत रात में भोजन के बाद कमरे में सोने चले गए थे। कमरे में सिगड़ी में कोयला जल रहा था। आशंका है कि बंद कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस भरने से तीनों की दम घुटने से मौत हो गई। सुबह देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ा तो तीनों अचेत अवस्था में मिले। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

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बताया जा रहा है कि परिवार के दो अन्य बच्चे—प्रिंस (7 वर्ष) और प्राची (5 वर्ष)—उस रात घर के दूसरे हिस्से में अपने नाना के साथ सो रहे थे, जिससे उनकी जान बच गई। गांव में अब सबसे बड़ा सवाल इन दोनों मासूम बच्चों के भविष्य को लेकर उठ रहा है।

पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। विशेषज्ञों के अनुसार बंद कमरे में सिगड़ी या कोयला जलाकर सोना बेहद खतरनाक होता है, क्योंकि कार्बन मोनोऑक्साइड गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, जिसका अहसास होने तक देर हो जाती है।

ग्रामीणों का आरोप है कि मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना था, लेकिन पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं था। रोशनदान और हवा निकास की उचित व्यवस्था की कमी को भी हादसे का कारण बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने तकनीकी जांच की मांग की है।

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परिजनों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और दोनों बच्चों की परवरिश व शिक्षा की जिम्मेदारी लेने की मांग की है।

यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि सर्दियों में बंद कमरे में सिगड़ी या कोयला जलाने के खतरों की गंभीर चेतावनी भी है। ग्राम चंद्रपुर में मातम पसरा है और अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।

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