सिम, पासबुक, चेकबुक और एटीएम अपने पास रखकर खाते के इस्तेमाल का आरोप; अंबिकापुर कोतवाली पुलिस की कार्रवाई
अंबिकापुर। मकान निर्माण की निगरानी के लिए रखे गए सुपरवाइजर के नाम पर कथित रूप से नया सिम और बैंक खाता खुलवाकर उसमें ऑनलाइन क्रिकेट बेटिंग की रकम का लेन-देन करने के मामले में अंबिकापुर कोतवाली पुलिस ने आरोपी दीप सिन्हा उर्फ आयुष सिन्हा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ा रहा है और पूर्व में भी जेल जा चुका है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल दाखिल किया गया है।
काम के बहाने बैंक ले जाकर खुलवाया खाता
पुलिस के अनुसार बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम डीपाडीहकला निवासी ज्ञानेन्द्र पांडेय वर्तमान में अंबिकापुर के नमनाकला में रहकर आरोपी दीप सिन्हा के यहां काम करता था। दीप सिन्हा के गांधीनगर स्थित निर्माणाधीन मकान की देखरेख का काम भी ज्ञानेन्द्र कर रहा था।
ज्ञानेन्द्र ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि दीप सिन्हा उसे जरूरी काम का बहाना बनाकर बैंक ऑफ महाराष्ट्र और केनरा बैंक ले गया। वहां उसके नाम से नया सिम कार्ड और बैंक खाता खुलवाया गया।
आरोप है कि इसके बाद सिम कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड दीप सिन्हा ने अपने पास रख लिए। जब ज्ञानेन्द्र ने अपने दस्तावेज और बैंकिंग सामग्री वापस मांगी तो कथित रूप से वह अलग-अलग बहाने बनाकर टालता रहा।
अवैध लेन-देन की जानकारी मिलने पर दर्ज कराई रिपोर्ट
बाद में ज्ञानेन्द्र को जानकारी मिली कि उसके नाम से खोले गए बैंक खाते का इस्तेमाल अवैध राशि के लेन-देन के लिए किया जा रहा है। इसके बाद उसने मामले की शिकायत अंबिकापुर कोतवाली थाने में दर्ज कराई।
पुलिस ने जांच के बाद सतीपारा नेहरू वार्ड, शिव मंदिर के पास निवासी आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा (32), पिता स्व. त्रिभुवन सिन्हा को गुरुवार रात गिरफ्तार किया।
म्यूल अकाउंट मामले में भी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ म्यूल अकाउंट के जरिए वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मामले में भी कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में आरोपी फरार चल रहा था।
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, आरोपियों द्वारा आम लोगों को निजी काम का झांसा देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड हासिल किए जाते थे। इसके बाद इनका इस्तेमाल कथित तौर पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े लेन-देन के लिए किया जाता था।
इस मामले में आरोपी के अन्य साथी सूरज यादव, मुकेश त्रिपाठी और अमित मिश्रा उर्फ पहलू को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस की कार्रवाई जारी
कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसे जेल दाखिल कर दिया है। मामले में बैंक खातों और लेन-देन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच भी की जा रही है।