सूरजपुर। कायाकल्प-स्वच्छ अस्पताल योजना 2024-25 के तहत घोषित राज्य स्तरीय परिणामों में सूरजपुर जिला अस्पताल ने 94.9 प्रतिशत अंक अर्जित कर पूरे छत्तीसगढ़ में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले के लिए गर्व की बात है और दर्शाती है कि स्वच्छता, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण और दस्तावेज़ी व्यवस्थाओं में अस्पताल का प्रदर्शन बेहतर रहा।
योजना के अंतर्गत हुए मूल्यांकन में साफ-सफाई, रोगी-मित्र सेवाएं, वार्ड व भवन रख-रखाव जैसे मानकों पर अस्पताल को उत्कृष्ट अंक मिले। प्रशासन का कहना है कि यह परिणाम महीनों की तैयारी, निगरानी और टीमवर्क का नतीजा है।
लेकिन जमीनी हकीकत पर सवाल भी…
पुरस्कार के बावजूद मरीजों और परिजनों की शिकायतें सामने आ रही हैं। खासकर इमरजेंसी व्यवस्था को लेकर असंतोष है—आपातकालीन समय पर डॉक्टरों की उपलब्धता, त्वरित उपचार, स्ट्रेचर व ऑक्सीजन जैसी सुविधाओं में कमी की बात कही जा रही है। इसके अलावा ओपीडी में भीड़, लाइन व्यवस्था, कुछ वार्डों की साफ-सफाई और शौचालयों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि निरीक्षण के समय व्यवस्थाएं बेहतर दिखाई जाती हैं, जबकि रोजमर्रा की स्थिति उतनी संतोषजनक नहीं रहती।
सूरजपुर जिला अस्पताल का पहला स्थान प्रेरणादायक है, लेकिन यह उपलब्धि तभी सार्थक मानी जाएगी जब इमरजेंसी सेवाओं, ओपीडी व्यवस्था और दैनिक स्वच्छता में लगातार सुधार दिखाई दे। पुरस्कार से ज्यादा जरूरी है कि मरीजों को हर समय सुरक्षित, त्वरित और सम्मानजनक इलाज मिल सके।
