अंबिकापुर/सीतापुर | राजापुर उप तहसील विवाद में नया मोड़, कानून बनाम कार्यकर्ता की जंग में बदला सियासी माहौल
राजपुर उप तहसील के नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी से कथित मारपीट के मामले ने शुक्रवार को उस समय एक बेहद संवेदनशील और हाई-वोल्टेज ड्रामे का रूप ले लिया, जब आरोपी बनाए गए सीतापुर के भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो खुद सरेंडर करने के लिए अंबिकापुर स्थित आईजी (IG) कार्यालय की ओर निकले। हालांकि, कानून का सम्मान करने की यह कोशिश उनके ही कार्यकर्ताओं के भारी आक्रोश के चलते बीच रास्ते में ही थम गई।
कल का घटनाक्रम: NH-45 पर हाई-वोल्टेज ड्रामा
- हाईवे पर समर्थकों का चक्काजाम: विधायक रामकुमार टोप्पो जैसे ही अपनी गिरफ्तारी देने अंबिकापुर की ओर बढ़े, काराबेल के पास सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नेशनल हाईवे-45 पर उनके काफिले को घेर लिया। समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की और साफ कहा कि “यदि विधायक जेल जाएंगे, तो हम सब भी उनके साथ गिरफ्तारी देंगे।” इस वजह से हाईवे पर लंबा जाम लग गया।
- सुशासन की दुहाई देकर लौटे विधायक: विधायक टोप्पो ने गाड़ी से उतरकर उत्तेजित कार्यकर्ताओं को शांत कराने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “प्रदेश में सुशासन की सरकार है। हमारे खिलाफ एफआईआर हुई है, तो पैनिक होने की जरूरत नहीं है। मैं जांच में पूरा सहयोग करने जा रहा हूं और राजस्व कर्मचारियों को भी हड़ताल करने की जरूरत नहीं है।” हालांकि, कार्यकर्ताओं की जिद के आगे मजबूर होकर उन्हें अपना फैसला टालना पड़ा और उनका काफिला वापस सीतापुर निवास लौट गया।
राजस्व अमले का अल्टीमेटम: ‘आर-पार’ के मूड में कर्मचारी
विधायक के सरेंडर न कर पाने से नाराज छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक संघ और सरगुजा राजस्व कर्मचारी-अधिकारी संघ ने अपना आंदोलन और उग्र कर दिया है:
- सामूहिक अवकाश और प्रदर्शन: सरगुजा संभाग के कई जिलों में डिप्टी कलेक्टरों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों ने काली पट्टी बांधकर दफ्तरों में विरोध जताया।
- कलमबंद हड़ताल की चेतावनी: कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे राजस्व अधिकारियों ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि मुख्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे पूरे छत्तीसगढ़ में ‘कलमबंद हड़ताल’ (काम पूरी तरह ठप) कर देंगे, जिससे आम जनता की परेशानियां बढ़ सकती हैं।
दोनों पक्षों की क्रॉस-एफआईआर: क्या हैं कानूनी धाराएं?
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है क्योंकि दोनों तरफ से मामले दर्ज कराए गए हैं:
तुषार मानिकपुरी (नायब तहसीलदार) की शिकायत पर:
आरोपी: विधायक रामकुमार टोप्पो, यूसुफ, नाजिम राजा, पंकज गुप्ता व 10-12 समर्थक
मुख्य धाराएं (BNS): धारा 221, 121(1), 191(2) और 132 (शासकीय कार्य में बाधा, दंगा और गैर-जमानती मारपीट)
मामला: चौराहे पर सरेआम एसडीएम की मौजूदगी में मारपीट करने का आरोप।
सीमा तिर्की / धनकी (विधायक की चचेरी बहन) की शिकायत पर:
आरोपी: नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी
मुख्य धाराएं (BNS): धारा 296, 351(2) और 79 (गाली-गलौज, अश्लील इशारे और जमानती धाराएं)
मामला: दफ्तर के भीतर जातिगत गाली-गलौज करने और धक्का देकर बाहर निकालने का आरोप।
प्रशासनिक रुख: मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था सर्वोपरि है। पुलिस को घटना के समय मौके पर मौजूद सीतापुर एसडीएम फगेश सिन्हा सहित सभी चश्मदीदों के बयान दर्ज कर पूरी निष्पक्षता से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।