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सूरजपुर कोर्ट का बड़ा एक्शन: ‘गवाह पलटे तो भी खैर नहीं’, 5 महीनों में 29 हत्यारों को सलाखों के पीछे भेजा; वैज्ञानिक साक्ष्यों ने बदला इंसाफ का तरीका,

Priyanshu Ranjan

सूरजपुर (aaj24.in)। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में गंभीर अपराधों के खिलाफ माननीय न्यायालय ने एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक रुख अपनाया है। जिला न्यायालय ने पिछले महज पांच महीनों के भीतर हत्या के 17 सनसनीखेज मामलों में कुल 29 आरोपियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

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​देश में भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू होने के बाद सूरजपुर कोर्ट की यह त्वरित कार्रवाई अपराधियों के लिए एक बड़ा और कड़ा संदेश है। अब वो दौर चला गया जब गवाहों को डरा-धमकाकर या प्रभावित कर अपराधी बच निकलते थे; अब वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों (Scientific and Technical Evidence) के दम पर गुनहगारों को उनके अंजाम तक पहुँचाया जा रहा है।

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सूरजपुर के 6 सबसे चर्चित मामले: जिनमें कोर्ट ने सुनाया कड़ा फैसला

1. डेयरी फार्म में महिला की हत्या, आरोपी को उम्रकैद

​ग्राम पसला स्थित एक डेयरी फार्म में हुई महिला की निर्मम हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) और अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस केस में परिस्थितिजन्य और वैज्ञानिक साक्ष्य (Circumstantial Evidence) ही न्याय का मुख्य आधार बने।

2. नवापारा हत्याकांड: आरोपी को 10 वर्ष की सजा

​कॉलेज रोड नवापारा (सूरजपुर) के एक मकान में महिला की हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी। फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने कड़ी टिप्पणी की कि “घरेलू विवाद या व्यक्तिगत तनाव किसी भी हाल में हत्या का औचित्य नहीं बन सकता।”

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3. द्वारिकापुर में पत्नी ने पति को उतारा मौत के घाट, मिली उम्रकैद

​चौकी लटोरी क्षेत्र के ग्राम द्वारिकापुर (गाड़ा झरिया) का यह मामला पूरे संभाग में बेहद चर्चित रहा था। यहाँ एक पत्नी ने धारदार हथियार से अपने ही पति की हत्या कर दी थी। न्यायालय ने क्रूरता के इस मामले में आरोपी महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

4. जमीन विवाद में 4 लोगों को उम्रकैद

​थाना चांदनी क्षेत्र के ग्राम विशालपुर में जमीन के मामूली टुकड़े के विवाद में चार लोगों ने मिलकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। न्यायालय ने चारों आरोपियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें आजीवन कारावास से दंडित किया।

5. चाचा ने की भतीजे की हत्या, मिली 7 साल की जेल

​ग्राम अवन्तिकापुर में पारिवारिक विवाद के चलते एक सगे चाचा ने अपने ही भतीजे की जान ले ली थी। न्यायालय ने आरोपी को 7 वर्ष की कठोर सजा सुनाते हुए कहा कि “पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती हिंसा पूरे समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।”

6. पेड़ से बांधकर बेटे की हत्या: पिता-भाई को 10-10 साल की सजा

​सूरजपुर के ग्राम पर्री (गौटियापारा) में एक पिता और भाई ने मिलकर युवक को पेड़ से बांधा और पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। इस दिल दहला देने वाले सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने पिता और भाई दोनों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

‘अब गवाह पलटे तो भी बचना नामुमकिन’

​सूरजपुर न्यायालय के इन फैसलों में सबसे खास और तकनीकी बात यह रही कि कई मामलों में मुख्य या चश्मदीद गवाह (Eye Witnesses) अपने बयानों से पलट गए (Hostile हो गए)। पुराने दौर में इसके बाद आरोपी छूट जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। न्यायालय ने गवाहों के बयानों से इतर निम्नलिखित मजबूत कड़ियों के आधार पर सजा तय की:

    • मेडिकल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट
    • फॉरेंसिक जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्य
    • डिजिटल रिकॉर्ड और तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis)

क्राइम एक्सपर्ट्स का क्या है कहना?

नए कानूनों के लागू होने के बाद अदालतों की कार्यशैली में तेजी और सख्ती दोनों आई है। अब गवाहों को प्रभावित कर केस को कमजोर करने की अपराधियों की पुरानी रणनीति पूरी तरह से फेल साबित हो रही है। सूरजपुर न्यायालय के ये फैसले कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया में बढ़ते वैज्ञानिक दृष्टिकोण का एक मील का पत्थर हैं।

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