शिक्षा की गुणवत्ता, ड्रॉपआउट बच्चों की वापसी, पाठ्यपुस्तक वितरण, छात्रावास सुविधाओं और आदिवासी विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर
सूरजपुर। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने जिले में संचालित शाला प्रवेशोत्सव, शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यालयों एवं छात्रावासों की व्यवस्थाओं तथा आदिवासी विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। उन्होंने सभी पात्र विद्यार्थियों को शत-प्रतिशत पाठ्यपुस्तकों का वितरण, ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने तथा शाला प्रवेशोत्सव को जनभागीदारी के साथ सफल बनाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने विद्यालयों में स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, बिजली एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी करने के साथ-साथ छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं बेहतर आवासीय वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्थाओं की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में आदिवासी विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से नियमित निरीक्षण कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।