मथुरा/झांसी: उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक महिला सिपाही ने झांसी में तैनात पुलिस उप निरीक्षक रविकांत गोस्वामी और उनके दोस्त दीक्षांत शर्मा पर सामूहिक दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और मारपीट का संगीन आरोप लगाया है।
पीड़िता की शिकायत पर यमुनापार थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू हो गई है। इस मामले ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने अपनी तहरीर में बताया कि वह पुलिस कांस्टेबल है और 17 फरवरी 2023 की रात को झांसी के चिरगांव थाने में तैनात दरोगा रविकांत गोस्वामी ने उसे मथुरा के बलदेव रोड स्थित एक फार्महाउस में मिलने के लिए बुलाया। वहां उसे जूस में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोशी की हालत में दुष्कर्म किया गया और इस दौरान अश्लील वीडियो बनाया गया।
आरोप है कि इस वीडियो का इस्तेमाल कर दरोगा ने पीड़िता को ब्लैकमेल किया और उसका यौन शोषण किया। महिला सिपाही ने आगे बताया कि 22 जून 2023 को रविकांत गोस्वामी और उनके दोस्त दीक्षांत शर्मा ने मुरादाबाद के एक होटल में उसे धमकी देकर बुलाया। वहां फिर से नशीला पदार्थ देकर दोनों ने सामूहिक दुष्कर्म किया और एक और आपत्तिजनक वीडियो बनाया।
पीड़िता का आरोप है कि उसे वीडियो सार्वजनिक करने और परिवार को जान से मारने की धमकियां दी गईं। इसके अलावा, 12 जनवरी 2025 को झांसी में चिन्मय हॉस्पिटल के पास रविकांत ने उससे मारपीट भी की, जिससे उसकी उंगली में फ्रैक्चर हो गया। यमुनापार थाने के प्रभारी निरीक्षक अजय किशोर ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी दरोगा बागपत का निवासी है और उसे निलंबित कर दिया गया है। इस मामले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। लोग इस घटना पर आक्रोश जता रहे हैं और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस विभाग में इस तरह की घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं, खासकर तब जब पीड़िता खुद एक पुलिसकर्मी है। जांच के नतीजों का इंतजार है, जो इस मामले में आगे की कार्रवाई को तय करेगा।
स्रोत यमुनापार पुलिस थाना, मथुरा; स्थानीय सूत्र