वर्ल्ड लीडर्स फोरम में मुख्यमंत्री ने रखा छत्तीसगढ़ की युवा-केंद्रित नई अर्थव्यवस्था का रोडमैप, 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप और 6 लाख विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण का लक्ष्य
- 6.31 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था, 11.57 प्रतिशत विकास दर
- नई औद्योगिक नीति के बाद 8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव
- 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप का लक्ष्य
- 6 लाख विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण
- बस्तर में शांति के साथ विकास और निवेश के नए द्वार
- पर्यटन और स्थानीय उत्पाद बनेंगे रोजगार के बड़े माध्यम
- 4 हजार मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य
- संसाधनों से आगे बढ़कर वैल्यू एडिशन पर जोर
- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से निवेश प्रक्रिया होगी आसान
- संसाधन से नवाचार तक—नए छत्तीसगढ़ का निवेश मॉडल
रायपुर, 21 अगस्त 2026।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय वर्ल्ड लीडर्स फोरम में वैश्विक आर्थिक जगत की प्रमुख हस्तियों के समक्ष छत्तीसगढ़ की बदलती आर्थिक तस्वीर, निवेश की संभावनाओं और भविष्य की विकास रणनीति का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक औद्योगिक और खनिज आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर युवा शक्ति, नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक विनिर्माण पर आधारित नई अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि निवेश को रोजगार, उद्यमिता, बेहतर आय और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ना है। प्रदेश के युवाओं को केवल ‘जॉब सीकर’ नहीं, बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने की दिशा में नीतियां और योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
फोरम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री श्री एस. जयशंकर, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन सहित भारत और विश्व की कई प्रमुख हस्तियां शामिल हो रही हैं।
6.31 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था, 11.57 प्रतिशत विकास दर
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 6.31 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत रही, जबकि प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1 लाख 79 हजार 244 रुपये हो गई है।
वर्ष 2026-27 के 1.72 लाख करोड़ रुपये के बजट में अधोसंरचना, पूंजीगत व्यय और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। सड़क, रेल, ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और औद्योगिक अधोसंरचना को मजबूत कर प्रदेश को प्रमुख निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
नई औद्योगिक नीति के बाद 8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30, वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े सुधारों से निवेश प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाया गया है। पिछले दो वर्षों में 450 से अधिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है।
नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद प्रदेश को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। अब स्टील, सीमेंट और खनिज आधारित उद्योगों के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, डेटा सेंटर, फार्मा, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग जैसे नए क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तैयार हो रही हैं।
2030 तक 5 हजार स्टार्टअप का लक्ष्य
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था के केंद्र में युवा हैं। वर्ष 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। नए उद्यमियों को अपने विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए 10 लाख रुपये तक सीड फंड सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
सरकार का जोर युवाओं को तकनीक, नवाचार, कौशल और बाजार से जोड़ने पर है, ताकि नए उद्यमों के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर पैदा हों।
6 लाख विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस छत्तीसगढ़ की भविष्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनेगा। प्रदेश में 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण देने की योजना है। नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 50 से अधिक एआई आधारित सरकारी सेवाएं विकसित की जाएंगी।
इसके साथ ही 500 करोड़ रुपये के राज्य एआई मिशन पर काम किया जा रहा है। इसके तहत 100 एआई डेटा लैब, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 300 से अधिक एआई स्टार्टअप्स को सहयोग देने का लक्ष्य है।
नवा रायपुर में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से एआई डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है। इससे प्रदेश में डिजिटल अर्थव्यवस्था और नई पीढ़ी के रोजगार के अवसरों को गति मिलने की उम्मीद है।
बस्तर में शांति के साथ विकास और निवेश के नए द्वार
मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर को छत्तीसगढ़ की नई आर्थिक यात्रा का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की स्थिति में सुधार के बाद बस्तर में विकास, निवेश, रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
बस्तर सहित प्रदेश के करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपये की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की जा रही है। बस्तर में 421 बंद स्कूलों को पुनः शुरू किया गया है तथा स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ते हुए 34 लाख से अधिक लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 3,513 करोड़ रुपये की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना बस्तर की औद्योगिक और व्यापारिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पर्यटन और स्थानीय उत्पाद बनेंगे रोजगार के बड़े माध्यम
छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को पर्यटन की नई अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और सिरपुर सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय पर्यटन मानचित्र से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।
पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से होटल, हॉस्पिटैलिटी, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय सेवाओं में निजी निवेश तथा रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।
सरकार लघु वनोपज, औषधीय पौधों, मिलेट और कृषि उत्पादों की स्थानीय प्रोसेसिंग एवं वैल्यू एडिशन को भी बढ़ावा दे रही है। लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ केवल कच्चे माल का उत्पादक न रहे, बल्कि यहीं तैयार उत्पाद बनें और उसका अधिकतम आर्थिक लाभ स्थानीय लोगों को मिले।
4 हजार मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ पारंपरिक ऊर्जा के साथ अब तेजी से ग्रीन एनर्जी की दिशा में बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में करीब 4 हजार मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।
प्रदेश के 90 हजार से अधिक घर सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं। भिलाई में प्रदेश का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया है। ग्रीन एनर्जी का विस्तार भविष्य में निवेश और ग्रीन जॉब्स के नए अवसर तैयार करेगा।
संसाधनों से आगे बढ़कर वैल्यू एडिशन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई आर्थिक नीति का लक्ष्य केवल प्राकृतिक संसाधनों का दोहन नहीं, बल्कि प्रदेश के भीतर ही उनका अधिकतम वैल्यू एडिशन करना है।
नवा रायपुर और राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी अधोसंरचना विकसित की जा रही है। राजनांदगांव में प्रस्तावित स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, 142 एकड़ का फार्मा पार्क, टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट पार्क भविष्य के औद्योगिक विकास को गति देंगे। कोरबा में लिथियम की खोज से बैटरी निर्माण, ऊर्जा भंडारण और न्यू एनर्जी सेक्टर में नई संभावनाएं खुली हैं।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से निवेश प्रक्रिया होगी आसान
मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 लागू किया गया है। कम जोखिम वाले उद्योगों के मामलों में निर्धारित समय में निर्णय नहीं होने पर स्वतः अनुमति का प्रावधान किया गया है।
अधिनियम के अंतर्गत आठ विभागों की 43 सेवाओं को शामिल किया गया है। इससे प्रदेश के लगभग 15 लाख एमएसएमई को लाभ मिलने की संभावना है।
संसाधन से नवाचार तक—नए छत्तीसगढ़ का निवेश मॉडल
मुख्यमंत्री श्री साय ने वैश्विक निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ को ऐसे राज्य के रूप में प्रस्तुत किया, जहां प्राकृतिक संसाधन, ऊर्जा, भूमि, युवा मानव संसाधन, बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल नीतियां उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा अब संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर ज्ञान, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है। निवेश इस परिवर्तन का माध्यम है, जबकि अंतिम उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार, उद्यमिता और आय के अवसर उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद एवं श्री राहुल भगत, विशेष सचिव एवं जनसम्पर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, आवासीय आयुक्त श्रीमती श्रुति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।




