सूरजपुर । सूरजपुर जिले में कथित जुआ नेटवर्क और उसे मिले संरक्षण को लेकर पिछले कुछ दिनों से जो घटनाक्रम सामने आ रहा था, वह अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। दैनिक घटती- घटना द्वारा लगातार प्रकाशित खबरों, साक्ष्यों और वायरल वीडियो के बाद पुलिस विभाग ने आखिरकार सख्त रुख अपनाया है। पहले संबंधित कर्मियों को लाइन हाजिर किया गया और अब उन्हें जिले से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया है, सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई को न केवल प्रशासनिक कदम, बल्कि पुलिस व्यवस्था की छवि सुधारने की दिशा में उठाया गया बड़ा फैसला माना जा रहा है, हालांकि, पूरे मामले में अभी भी कई सवाल बाकी हैं और जांच का दायरा आगे बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
बता दे की सूरजपुर के चर्चित जुआ प्रकरण में जहां तीन पुलिसकर्मियों का तबादला कर प्रशासन ने सख्ती का संदेश दिया है, वहीं इस पूरे मामले में दो नाम अब भी चर्चा के केंद्र में हैं विकास पटेल और महेंद्र सिंह। ये दोनों फिलहाल आधिकारिक तबादला सूची से बाहर हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर इन्हें भी इस पूरे नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब कार्रवाई शुरू हो चुकी है, तो इन नामों पर निर्णय कब लिया जाएगा। सूत्रों की मानें तो इन दोनों के नाम पहले से ही खबरों और चर्चाओं में रहे हैं। इसके बावजूद सूची में शामिल न होना कई तरह की अटकलों को जन्म दे रहा है, हालांकि विभागीय स्तर पर यह भी कहा जा रहा है कि कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से हो रही है और आगे सूची का विस्तार संभव है। यही वजह है कि इस पूरे मामले को लेकर अब यह कहा जाने लगा है—‘पिक्चर अभी बाकी है।’ महेंद्र सिंह को लेकर एक और पहलू चर्चा में है, वह उनकी कथित राजनीतिक पकड़, लेकिन जिस तरह से इस मामले में उच्च अधिकारियों ने संज्ञान लेकर सख्त रुख अपनाया है, उससे यह संकेत मिल रहा है कि अब किसी प्रकार का संरक्षण मिलना आसान नहीं होगा। पुलिस की छवि को लेकर जो सवाल खड़े हुए हैं, उन्हें देखते हुए अब निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा बढ़ गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि यदि जांच में इनकी संलिप्तता सामने आती है, तो इन दोनों का भी जिले से बाहर जाना तय हो सकता है।
फिलहाल भले ही ये नाम सूची से बाहर हों, लेकिन नजरें अब अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
कुमेली जंगल से उठी कहानी :
जब जंगल बना जुए का अड्डा
इस पूरे मामले की शुरुआत उस समय हुई जब सूरजपुर जिले के कुमेली जंगल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जुआ संचालित होने की खबरें सामने आईं। प्रारंभिक रिपोर्टों में यह संकेत दिया गया कि यह कोई सामान्य स्तर का जुआ नहीं था, बल्कि संगठित तरीके से संचालित एक नेटवर्क था, जिसमें लाखों रुपये का लेन-देन हो रहा था। जंगल के भीतर देर रात तक चलने वाले इस खेल ने स्थानीय स्तर पर कई सवाल खड़े किए। समाचारों में यह भी बताया गया कि यह गतिविधि अचानक नहीं शुरू हुई थी, बल्कि लंबे समय से चल रही थी। इससे यह संदेह और गहरा हुआ कि कहीं न कहीं इसे संरक्षण मिल रहा है, क्योंकि इतने बड़े स्तर पर बिना किसी जानकारी के जुआ संचालित होना संभव नहीं माना जा सकता।
वायरल वीडियो ने बढ़ाया दबाव
वर्दी की मौजूदगी से उठे सवाल
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में जुए का खेल चलता हुआ दिखाई दिया, साथ ही एक वर्दीधारी की कथित मौजूदगी ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। वीडियो के सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि मामला सिर्फ अवैध जुए तक सीमित नहीं है। बल्कि इसमें पुलिस विभाग के भीतर की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। वीडियो ने जनता और प्रशासन दोनों का ध्यान इस ओर खींचा। इसके बाद इस मुद्दे को नजरअंदाज करना संभव नहीं रह गया और जांच की मांग तेज हो गई।