सूरजपुर । सूरजपुर पुलिस ने बहुचर्चित पीएसीएल चिटफंड घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी के दो और डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने निवेशकों को पैसा दोगुना करने का लालच देकर करोड़ों रुपये जमा कराए थे, लेकिन मैच्योरिटी पूरी होने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई। इस मामले में अब तक कुल 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार थाना सूरजपुर में वर्ष 2016 में अपराध क्रमांक 182/2016 के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, चिटफंड अधिनियम और पीडीआई एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पीएसीएल कंपनी ने निवेशकों को आकर्षक योजनाओं का झांसा देकर बड़ी मात्रा में धनराशि जमा कराई और बाद में भुगतान नहीं किया।
डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर फरार आरोपियों की तलाश तेज की गई। विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मामले से जुड़े कंपनी के दो डायरेक्टर पंजाब निवासी गुरजंट सिंह गिल उर्फ गुरजन सिंह (82 वर्ष) एवं गुरूनाम सिंह (77 वर्ष) कवर्धा जिला जेल में निरुद्ध हैं। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर दोनों आरोपियों को सूरजपुर लाकर पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपियों ने कंपनी के अन्य पदाधिकारियों के साथ मिलकर निवेशकों को पैसा दोगुना करने का प्रलोभन देकर निवेश करवाने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार कंपनी ने सूरजपुर जिले के अनेक निवेशकों से करोड़ों रुपये जमा कराए और बाद में भुगतान नहीं कर धोखाधड़ी की।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विमलेश दुबे, एसआई लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता, एएसआई संजय सिंह एवं आरक्षक जयप्रकाश सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने बताया कि इससे पहले पीएसीएल कंपनी के छह अन्य डायरेक्टरों—निर्मल सिंह भंगू, त्रिलोचन सिंह, सुखदेव सिंह, जोगेन्दर टाइगर, गुरमीत सिंह और सुब्रत भट्टाचार्य को गिरफ्तार किया जा चुका है,
ताजा गिरफ्तारी के बाद इस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। सूरजपुर पुलिस का कहना है कि चिटफंड घोटालों से जुड़े अन्य मामलों की भी लगातार समीक्षा की जा रही है और फरार आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।