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बसंतपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 10 करोड़ रुपये का गांजा जब्त, दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

Priyanshu Ranjan

तस्करी में प्रयुक्त 50 लाख रुपये मूल्य का ट्रक भी जब्त, 1941 किलो से अधिक गांजा बरामद

बलरामपुर। बसंतपुर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य का 1941.110 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है तथा तस्करी में प्रयुक्त लगभग 50 लाख रुपये मूल्य का टाटा ट्रक भी जब्त किया है। जब्त मशरूका की कुल कीमत 10.50 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।

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पुलिस के अनुसार पूर्व में दर्ज एनडीपीएस प्रकरण की विवेचना के दौरान प्राप्त तकनीकी सूचनाओं के आधार पर 11-12 जून की दरम्यानी रात थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र सोनी के नेतृत्व में विशेष निगरानी अभियान चलाया गया। इसी दौरान थाना क्षेत्र में संदिग्ध टाटा ट्रक क्रमांक आरजे-14-जी-9078 को रोककर जांच की गई। तलाशी के दौरान ट्रक से 62 पैकेटों में छिपाकर रखा गया 1941 किलो 110 ग्राम गांजा बरामद हुआ।

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मौके से सहारनपुर निवासी लोकेश शर्मा (46) एवं मुजफ्फरनगर निवासी आमिष अंसारी (23) को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

छह माह में दूसरी बड़ी सफलता

यह पहला अवसर नहीं है जब बसंतपुर पुलिस ने इतनी बड़ी कार्रवाई की हो। इससे पहले 29 दिसंबर 2025 को भी पुलिस ने एक ट्रक से 1198.460 किलोग्राम गांजा बरामद किया था, जिसे उड़ीसा से राजस्थान ले जाया जा रहा था। लगातार दूसरी बड़ी बरामदगी से यह संकेत मिलता है कि सीमावर्ती क्षेत्र तस्करों के लिए ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल हो रहे हैं।

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जांच का दायरा बढ़ाने की जरूरत

पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण सवाल भी सामने आए हैं। लगभग दो हजार किलोग्राम गांजा से भरा ट्रक लंबी दूरी तय कर बसंतपुर तक कैसे पहुंचा? क्या विभिन्न राज्यों की सीमाओं और चेक पोस्टों पर पर्याप्त निगरानी नहीं थी? क्या इसके पीछे कोई संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क सक्रिय है?

विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की तस्करी केवल चालक और सहचालक के स्तर तक सीमित नहीं हो सकती। जांच के दौरान यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि गांजा की आपूर्ति करने वाले, वित्तीय सहयोग देने वाले तथा अंतिम खरीदार कौन हैं।

पुलिस की सफलता, नेटवर्क पर प्रहार की चुनौती

पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा दीपक कुमार झा एवं पुलिस अधीक्षक बलरामपुर वैभव बैंकर के निर्देशन में हुई यह कार्रवाई नशे के कारोबार के खिलाफ महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। करोड़ों रुपये मूल्य की खेप को बाजार तक पहुंचने से पहले पकड़ लेना निश्चित रूप से बड़ी सफलता है। हालांकि इस कार्रवाई की वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब जांच तस्करी नेटवर्क के उन सरगनाओं तक पहुंचेगी जो पर्दे के पीछे रहकर पूरे कारोबार का संचालन करते हैं।

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