दो बाइक पर चार बदमाशों ने दिया था वारदात को अंजाम, 500 से ज्यादा CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के बाद पुलिस पहुंची आरोपियों तक,
अंबिकापुर, 24 अगस्त 2026। सीतापुर में सराफा कारोबारी के करीब 1 करोड़ रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषणों से भरे बैग की उठाईगिरी के मामले में सरगुजा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में शामिल एक आरोपी दास नागेश्वर (45 वर्ष) को ओडिशा के गंजाम जिले से गिरफ्तार किया है। मामले में एक अन्य आरोपी के घर से पूर्व में करीब 46 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए जा चुके हैं।
यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा के मार्गदर्शन तथा डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल के निर्देशन में साइबर सेल अंबिकापुर और थाना सीतापुर की संयुक्त टीम ने की। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम ने ओडिशा में करीब 10 दिनों तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया।
दुकान खोलने पहुंचे सराफा कारोबारी से दिनदहाड़े बैग लेकर फरार हुए थे बदमाश
पुलिस के अनुसार 26 जुलाई 2026 को अरुणदेव सोनी ने थाना सीतापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि हाईस्कूल सीतापुर के पास उनकी काशी विश्वनाथ ज्वेलर्स नाम से दुकान है। सुबह करीब 11:30 बजे वह स्कूटी से ज्वेलरी का बैग लेकर दुकान पहुंचे थे।
दुकान के पास स्कूटी खड़ी कर शटर खोलते समय अज्ञात व्यक्ति स्कूटी के सामने रखा ज्वेलरी से भरा बैग लेकर फरार हो गया। बैग में सोने-चांदी के आभूषण थे, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपये बताई गई थी।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना सीतापुर में अपराध क्रमांक 296/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
दो बाइक पर चार संदिग्ध, CCTV से पुलिस ने खंगाला पूरा रूट
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल और थाना सीतापुर की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के CCTV फुटेज खंगालने शुरू किए।
जांच में सामने आया कि दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार संदिग्ध कारोबारी का बैग लेकर फरार हुए थे। पुलिस टीम ने CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों के भागने के रूट को ट्रैक किया।
जांच के दौरान सरगुजा के ग्राम गेरसा से लेकर जशपुर के कांसाबेल, कुनकुरी, सिंगीबहार, झारखंड के कुरडेग, खैरनटोली, सिमडेगा और ओडिशा के सुंदरगढ़ सहित अन्य संभावित स्थानों के CCTV फुटेज खंगाले गए।
500 से अधिक CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से मिली आरोपियों की पहचान
पुलिस टीम ने अलग-अलग संभावित स्थानों के 500 से अधिक CCTV फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों के हुलिए के आधार पर अलग-अलग राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित किया गया।
जांच में संदिग्धों की पहचान ओडिशा के गंजाम जिले के निवासी चंटी दास और दास नागेश्वर के रूप में हुई।
घर में छिपाकर रखे थे 46 लाख के जेवर
आरोपियों की तलाश में साइबर सेल अंबिकापुर और थाना सीतापुर की संयुक्त टीम ने ओडिशा पुलिस के सहयोग से करीब 10 दिनों तक संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी।
मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस टीम चंटी दास के घर पहुंची, लेकिन वहां ताला लगा मिला। विधिवत तलाशी के दौरान उसके घर से सीतापुर की वारदात में चोरी किए गए करीब 300.92 ग्राम सोने के आभूषण, कीमत लगभग 43 लाख रुपये, तथा करीब 1 किलो 168 ग्राम चांदी के आभूषण, कीमत लगभग 3 लाख रुपये बरामद किए गए। इस तरह कुल करीब 46 लाख रुपये के आभूषण पूर्व में जब्त किए जा चुके हैं।
गंजाम से दबोचा गया दूसरा आरोपी
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार की जा रही कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गंजाम जिले से दास नागेश्वर पिता दास नारायणी, उम्र 45 वर्ष, निवासी नारायणपुर पोड़िया, थाना आस्का, जिला गंजाम, ओडिशा को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस के सामने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर संगठित गिरोह बनाकर उठाईगिरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। इसके बाद प्रकरण में धारा 111(2) और 3(5) बीएनएस जोड़ी गई। आरोपी के कब्जे से 10 हजार रुपये नगद भी जब्त किए गए हैं।
मामले के अन्य आरोपी घटना के बाद से फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी मिला
पुलिस के अनुसार आरोपी दास नागेश्वर का आपराधिक रिकॉर्ड आईसीजीएस पोर्टल पर खंगाला गया। जांच में उसके विरुद्ध वर्ष 2021 में थाना अस्का, जिला गंजाम में ओडिशा आबकारी अधिनियम के तहत अपराध तथा थाना चिंडीपाड़ा में चोरी और लूट से संबंधित मामले दर्ज पाए गए हैं। पुलिस ने आरोपी को आदतन अपराधी प्रवृत्ति का बताया है।
संयुक्त टीम की सक्रिय भूमिका
पूरी कार्रवाई में साइबर सेल अंबिकापुर के प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, विकास सिन्हा, आरक्षक मनीष सिंह, अनुज जायसवाल, अमन पुरी तथा थाना सीतापुर से सहायक उप निरीक्षक डेविड मिंज, प्रधान आरक्षक तीजराम पैंकरा और आरक्षक निर्मल तिग्गा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस के अनुसार मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।




