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साइबर ठगी से बचाव के लिए अंबिकापुर में पुलिस की पाठशाला: 150 छात्र-छात्राओं को बताए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के तरीके,

Priyanshu Ranjan

संत हरकेवल शिक्षा महाविद्यालय में साइबर जागृति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम, OTP, UPI, QR Code और फर्जी लिंक से सतर्क रहने की दी समझाइश,

अंबिकापुर, 24 अगस्त 2026। बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति युवाओं को जागरूक करने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरगुजा पुलिस द्वारा संचालित साइबर जागृति अभियान के तहत संत हरकेवल शिक्षा महाविद्यालय, अंबिकापुर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री रितेश चौधरी के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

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यह आयोजन डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल के दिशा-निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के करीब 150 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।

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OTP, UPI और QR Code फ्रॉड से बचने की दी जानकारी

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रितेश चौधरी ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बदलते स्वरूप और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि साइबर अपराधी किस तरह लोगों को विश्वास में लेकर ऑनलाइन ठगी करते हैं।

विद्यार्थियों को विशेष रूप से OTP, UPI और QR Code फ्रॉड, फर्जी लिंक, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया अपराध, अनजान कॉल और संदिग्ध मैसेज से सावधान रहने की समझाइश दी गई।

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उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, पासवर्ड अथवा बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज पर बिना सत्यापन भरोसा करने से भी बचना चाहिए।

‘घबराएं नहीं, तुरंत शिकायत करें’

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों को बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर अपराध हो जाता है, तो घबराने के बजाय तत्काल उचित माध्यम से शिकायत करनी चाहिए। साइबर ठगी के मामलों में समय पर शिकायत करना महत्वपूर्ण है।

उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की।

महिला थाना प्रभारी ने समझाया साइबर जागृति अभियान का उद्देश्य

महिला थाना प्रभारी सुनीता भारद्वाज ने साइबर जागृति अभियान के उद्देश्य और कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की समझाइश दी।

उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को जागरूक और जिम्मेदार डिजिटल यूजर बनना होगा। विद्यार्थियों के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश परिवार और समाज तक पहुंचाने पर भी उन्होंने जोर दिया।

प्रश्नोत्तरी में विद्यार्थियों ने पूछे साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल

कार्यक्रम को संवादात्मक और प्रभावी बनाने के लिए छात्र-छात्राओं के साथ प्रश्नोत्तरी सत्र आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने साइबर अपराध, ऑनलाइन सुरक्षा और डिजिटल माध्यमों से संबंधित विभिन्न सवाल पूछे।

महिला थाना प्रभारी सुनीता भारद्वाज ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का सरल भाषा में जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। प्रश्नोत्तरी के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन में सामने आने वाली साइबर ठगी की परिस्थितियों और उनसे निपटने के तरीकों की जानकारी मिली।

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पुलिस और महाविद्यालय के अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में महिला थाना प्रभारी सुनीता भारद्वाज, सहायक उप निरीक्षक गंभीर साय, महिला आरक्षक सविता मरावी, लोरेटा एक्का एवं संगीता बड़ा सहित पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

महाविद्यालय की ओर से प्राचार्य डॉ. अंजन सिंह, डॉ. पूजा दुबे, श्रीमती सुमन पाण्डेय, डॉ. रानी पाण्डेय, श्रीमती नीरू त्रिपाठी और श्रीमती चंदा सिंह सहित प्राध्यापक एवं शिक्षकगण मौजूद रहे।

पुलिस मितान एवं साइबर वॉलंटियर टीम से अतुल गुप्ता, अनमोल बारी, आर्यन पाण्डेय और राजकुमार ने भी कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी देने में सहयोग किया।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर अपराधों की पहचान, उनसे बचाव और साइबर घटना होने पर समय पर उचित कदम उठाने के लिए जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं को सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार अपनाने तथा साइबर जागरूकता का संदेश परिवार और समाज तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।

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