अंबिकापुर । खरीफ सीजन की दस्तक से पहले खाद, बीज और सिंचाई जैसी मूलभूत जरूरतों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर सरगुजा जिला किसान कांग्रेस ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए किसानों की समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की।
प्रदेश किसान कांग्रेस के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन में किसान कांग्रेस के शहर अध्यक्ष दुर्गेश गुप्ता और ग्रामीण अध्यक्ष नागेश्वर यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में खाद की उपलब्धता में कटौती, खाद-बीज संकट, बिजली बिल में वृद्धि, डीजल की उपलब्धता और फसलों के भुगतान में देरी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
खाद की कमी से उत्पादन और आजीविका दोनों पर संकट
किसान कांग्रेस के शहर अध्यक्ष दुर्गेश गुप्ता ने कहा कि खरीफ सीजन शुरू होने से पहले ही खाद संकट गहराने लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार की अदूरदर्शी नीतियों के कारण किसानों को आवश्यक उर्वरक नहीं मिल पा रहा है। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो इसका सीधा असर धान उत्पादन पर पड़ेगा और लाखों किसानों की आजीविका प्रभावित होगी।
उन्होंने कहा कि सरगुजा सहित पूरे प्रदेश के छोटे और सीमांत किसान खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में खाद की कमी केवल कृषि उत्पादन का नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का भी बड़ा संकट बन सकती है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की, हेमंत सिन्हा, मोहम्मद इस्लाम, विनय शर्मा, इंद्रजीत सिंह धंजल, अमित सिंहदेव, बलराम यादव, रामविनय सिंह, मदन जायसवाल, अनिल सिंह, डॉ. लालचंद यादव, संजीव मंदिलवार, आलोक सिंह, ए.पी. सांडिल्य, रशीद अहमद, संजय सिंह, शिवभरोष बेक, लुकस एक्का, कलीम अंसारी सहित बड़ी संख्या में किसान कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बिजली बिल बढ़ा,खेती की लागत भी बढ़ी…
ग्रामीण अध्यक्ष नागेश्वर यादव ने कहा कि किसान पहले ही बढ़ती महंगाई से परेशान हैं। अब बिजली दरों में वृद्धि ने खेती की लागत को और बढ़ा दिया है। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की सीमा बढ़ाकर 40 हजार रुपये प्रति एकड़ करने की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान सीमा किसानों की जरूरतों के अनुरूप नहीं है।
डीजल प्रतिबंध से किसान परेशान…
किसान कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री नुरुल अमीन सिद्दीकी ने कहा कि पेट्रोल पंपों पर जरीकैन में डीजल देने पर लगाए गए प्रतिबंध का सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हो रहा है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खेतों तक ट्रैक्टर और सिंचाई उपकरणों के लिए डीजल इसी माध्यम से ले जाते हैं। उन्होंने सरकार से तत्काल इस प्रतिबंध में राहत देने की मांग की।
फसल बिक्री के बाद एकमुश्त भुगतान की मांग…
ज्ञापन में धान खरीदी के बाद किसानों को भुगतान की प्रक्रिया सरल बनाने की भी मांग की गई है। किसान कांग्रेस का कहना है कि किसानों को फसल बिक्री के बाद पूरा भुगतान एकमुश्त मिले, ताकि उन्हें खेती और पारिवारिक जरूरतों के लिए आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
किसान कांग्रेस की प्रमुख मांगें…
– खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
– खाद-बीज संकट का तत्काल समाधान किया जाए।
– बिजली बिल वृद्धि वापस ली जाए या किसानों को राहत दी जाए।
– डीजल की सहज उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
– किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाकर 40 हजार रुपये प्रति एकड़ की जाए।
– धान खरीदी के बाद किसानों को एकमुश्त भुगतान किया जाए।
– कृषि लागत कम करने के लिए विशेष राहत पैकेज दिया जाए।
– छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाए।
– खरीफ सीजन के लिए कृषि इनपुट की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
खरीफ की तैयारी के बीच बढ़ी बेचैनी
सरगुजा में खरीफ सीजन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। ऐसे समय खाद की उपलब्धता को लेकर उठे सवाल और बढ़ती कृषि लागत किसानों की चिंता बढ़ा रहे हैं। यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो इसका असर आगामी धान उत्पादन पर पड़ सकता है।