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रतलाम के अनुराग और जावरा सीएसपी दुर्गेश को मिला केएफ रुस्तमजी पुरस्कार: नक्सलियों के सप्लायर पर कार्रवाई और कुख्यात गुंडे घोसी का किया था एनकाउंटर

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By Admin

भरत शर्मा की रिपोर्ट

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Ratlam: जिले के लिए गर्व की बात है कि सीएसपी जावरा दुर्गेश आर्मो और एसआई अनुराग यादव को वर्ष 2021-22 के ‘केएफ रुस्तमजी पुरस्कार’ से नवाजा जा रहा है। यह पुरस्कार पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा उन अफसरों को दिया जाता है जिन्होंने अपनी बहादुरी, समझदारी और सेवा के दौरान असाधारण कार्य किए हों।

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एसआई अनुराग यादव की मुठभेड़ जैसी गिरफ्तारी

माणक चौक थाना प्रभारी एसआई अनुराग यादव ने जनवरी 2022 में रतलाम में हुए गोलीकांड के मुख्य आरोपी कुख्यात गुंडे अकबर घोसी को राजस्थान से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान जब आरोपी रास्ते में पुलिसकर्मी को धक्का मारकर राइफल छीन भागने लगा, तो एसआई यादव ने पीछा करते हुए उसके पैर में गोली मारकर उसे दोबारा गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई न केवल साहसिक थी, बल्कि रतलाम पुलिस की तत्परता और कुशलता का भी प्रमाण बनी।

सीएसपी दुर्गेश आर्मो वर्ष 2021-22 में नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले के लांजी क्षेत्र में पदस्थ थे। इस दौरान उन्होंने नक्सलियों को हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क को बेनकाब किया और प्रभावी कार्रवाई की। उनके इस कार्य से नक्सली गतिविधियों को बड़ा झटका लगा।

खुसरो फ़रामुर्ज़ रुस्तमजी (K.F. Rustamji) भारतीय पुलिस सेवा के पहले बैच के अफसरों में से एक थे। 1952 में वे प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी रहे। उन्होंने चंबल के दुर्दांत डकैतों को हराया और 1971 के भारत-पाक युद्ध में बीएसएफ के महानिदेशक रहते हुए अहम भूमिका निभाई। उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।

यह पुरस्कार 22 अगस्त 2013 से प्रारंभ किया गया था और इसे हर साल तीन श्रेणियों में पुलिसकर्मियों को प्रदान किया जाता है:

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परम विशिष्ट स्तर: ₹5 लाख या रिवॉल्वर/राइफल और प्रमाणपत्र
अति विशिष्ट स्तर: ₹2 लाख या हथियार और प्रमाणपत्र
विशिष्ट स्तर: ₹50,000 और प्रमाणपत्र

इसका उद्देश्य नक्सल विरोधी अभियानों, सांप्रदायिक तनाव, गंभीर कानून-व्यवस्था स्थितियों में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को सम्मानित करना है।

रतलाम के इन दोनों अफसरों को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिलना जिले के लिए गौरव की बात है और पुलिस बल के लिए प्रेरणा।

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