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रतलाम/गेहलोत परिवार का नेत्रदान व देहदान समाज के लिए प्रेरणास्रोत : मध्य प्रदेश शासन की ओर से दिया गया गॉड ऑफ ऑनर,मृत्यु के बाद भी जीवन की रोशनी

Priyanshu Ranjan

भरत शर्मा की रिपोर्ट

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रतलाम। 31 मार्च जवाहर नगर निवासी स्व. राजमल गेहलोत (चाय वाले बाउजी) के पौत्र एवं स्व. सुरेशचंद्र गहलोत के पुत्र संजय गेहलोत के असामयिक निधन के पश्चात गहलोत परिवार ने अद्वितीय साहस, संवेदनशीलता और मानवता का परिचय देते हुए समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

गोपाल राठौड़ ‘पतरा वाला’ की प्रेरणा से पुत्र पंचम गेहलोत एवं समस्त परिजनों ने दुःख की इस घड़ी में भी मानवता को सर्वोपरि रखते हुए नेत्रदान का निर्णय लिया। परिजनों की सहमति के पश्चात रतलाम मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अनीता मुथा को सूचना दी गई। उनके मार्गदर्शन में नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. रिशेन्द्र सिसोदिया के नेतृत्व में नर्सिंग ऑफिसर राजवंत सिंह एवं विनोद कुशवाह की टीम द्वारा सफलतापूर्वक नेत्रदान की प्रक्रिया पूर्ण की गई,जिससे जरूरतमंदों के जीवन में नई रोशनी पहुंचेगी।

नेत्रदान के उपरांत परिवार ने एक और अत्यंत सराहनीय एवं साहसिक निर्णय लेते हुए स्व. संजय गेहलोत वके पार्थिव शरीर को चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान हेतु मेडिकल कॉलेज को समर्पित कर दिया। यह कार्य सेवा, त्याग एवं मानवता की अनुपम मिसाल बनकर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।

मध्य प्रदेश शासन की ओर से दिया गया गॉड ऑफ ऑनर

देहदान की प्रक्रिया के दौरान संजय गेहलोत के निवास पर मध्यप्रदेश शासन की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया तथा नायब तहसीलदार आर.सी. पांडे द्वारा श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।

काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के सचिव गोविंद काकानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “नेत्रदान एवं देहदान मानव जीवन के प्रति सर्वोच्च संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह एक ऐसा महान कार्य है, जो मृत्यु के पश्चात भी जीवन को आगे बढ़ाने का माध्यम बनता है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इस दिशा में जागरूक होकर आगे आना चाहिए।”

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राठौड़ तेली समाज के सचिव राजेन्द्र राठौड़ ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि “स्व. संजय गहलोत का यह निर्णय केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक संदेश है। नेत्रदान किसी के अंधकारमय जीवन में प्रकाश लाता है, वहीं देहदान चिकित्सा शिक्षा को सशक्त बनाता है। यह कार्य हमें सिखाता है कि सच्ची सेवा निस्वार्थ भाव से की गई सेवा ही होती है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस दिशा में एक कदम बढ़ाए, तो हम एक संवेदनशील और जागरूक समाज का निर्माण कर सकते हैं।”

रेडक्रॉस समिति सदस्य हेमंत मूणत ने कहा कि यह प्रेरणादायक कार्य समाज को यह संदेश देता है कि मानव जीवन का सर्वोच्च मूल्य सेवा, त्याग और मानवता में निहित है।

यह थे मौजूद

इस अवसर पर राठौड़ तेली समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में दिनेश राठौड़, राजेंद्र राठौड़, महेंद्र चौहान, कैलाश जमादार, बालकृष्ण राठौड़, राजेंद्र चौहान, ललित राठौड़, सुरेश राठौड़, किरण चौहान, महेश चौहान, रेडक्रॉस सोसायटी के हेमंत मूणत, काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के गोविंद काकानी, नेत्रम संस्था के गोपाल राठौड़ ‘पतरा वाला’, सुशील मीनू माथुर, भगवान ढलवानी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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