सूरजपुर। एसईसीएल में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवक से 3 लाख 55 हजार रुपये की ठगी करने के मामले में सूरजपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर खुद को एसईसीएल का अधिकारी बताकर युवक को नौकरी का भरोसा दिलाया और रकम लेने के बाद उसे फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया।
नियुक्ति पत्र लेकर जब युवक नौकरी ज्वाइन करने पहुंचा तो उसे दस्तावेज फर्जी होने की जानकारी हुई। इसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत खड़गवां चौकी में दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 338 एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
एसईसीएल अधिकारी बनकर लिया भरोसे में
पुलिस के अनुसार, खड़गवां चौकी क्षेत्र के ग्राम माझापारा निवासी ललित राम ने शिकायत में बताया कि एमसीबी जिले के पोड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत नागपुर चौकी के घाटपारा सरभोका निवासी निलेश पाल और उसके दो साथियों ने एसईसीएल में नौकरी लगवाने का झांसा दिया।
आरोपियों ने खुद को एसईसीएल का अधिकारी बताकर ललित राम को भरोसे में लिया और नौकरी लगाने के नाम पर उससे 3 लाख 55 हजार रुपये ले लिए। रकम लेने के बाद आरोपियों ने उसे नियुक्ति पत्र दिया, लेकिन नौकरी ज्वाइन करने पहुंचने पर पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है।
मुखबिर की सूचना पर मुख्य आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए सूरजपुर पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद खड़गवां चौकी पुलिस ने विवेचना के दौरान मुखबिर की सूचना और तकनीकी संसाधनों की मदद से मुख्य आरोपी निलेश पाल पिता स्व. पिंटू पाल, उम्र 38 वर्ष को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपी को सोमवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
फोन-पे और नगद के जरिए ली रकम
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर पीड़ित से फोन-पे और नगद के माध्यम से रकम लेने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य दो आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, अन्य आरोपियों की भूमिका और ठगी में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों सहित पूरे मामले की जांच जारी है।
इस कार्रवाई में खड़गवां चौकी प्रभारी मनोज सिंह और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।