भरत शर्मा की रिपोर्ट

जावरा/ रतलाम। स्वामी विवेकानंद मात्र एक आदर्श युवा ही नहीं थे बल्कि उनका जीवन सच्चे शिष्य, परिव्राजक और संस्कृति के संवाहक के रूप में सदा प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने जीवन का प्रथम भाग ठाकुर रामकृष्ण परमहंस के सच्चे शिष्य के रूप में बिताया, तो दूसरा भाग भारतवर्ष की परिव्रज्या कर देश की आत्मा कप समझा। उसके बाद अपने अल्पकालीन जीवन का तीसरा और अंतिम पड़ाव भारतीय संस्कृति के संवाहक के रूप में बिताया। पाश्चात्य देशों में भ्रमण और व्याख्यान के माध्यम से भारतीय संस्कृति का परचम लहराया।
उपरोक्त बातें गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ के प्रांतीय समन्वयक विवेक चौधरी ने गायत्री शक्तिपीठ जावरा में जिला स्तरीय युवा सम्मेलन में कही।
राष्ट्रीय युवा दिवस स्वामी विवेकानंद जयंती पर हुए आयोजन में श्री चौधरी ने कहा कि उनका जीवन हम सब के लिए प्रेरणास्रोत है। गायत्री परिवार का युवा आंदोलन हमारे समाज के युवाओं को स्वामी विवेकानंद की भांति ही तैयार करने की कार्यशाला है। जहाँ युवा अपने परिवार, परिवेश और प्रकृति को स्वाभिमान और गौरव के साथ स्वीकारता है। आज का युवा को जाति पाति के भेद से ऊपर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने लगा है।
युवा मोटिवेटर विकास शैवाल ने बताया कि आज का युवा नशे की गिरफ्त में फंस गया है। ऊपर से सोशल मीडिया का डिजिटल नशा भी उसे परेशान कर रहा है। लेकिन हमें युवाओं से मात्र समस्या की नहीं, अपितु समाधान की बात करनी है। युवाओं को सकारात्मक चिंतन देना है
नीमच युवा प्रकोष्ठ ने अशोक धाकड़ ने विभिन्न प्रज्ञा गीतों से युवाओं को सकारात्मक प्रेरणा दी। गीत संगीत के माध्यम से गायत्री परिजनों में वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी कार्यक्रम के लिए उत्साह उमंग का संचार किया।
गायत्री परिवार ट्रस्ट के संजय गुप्ता ने कार्यक्रम के उद्देश्य प्रकाश डाला और अतिथि परिचय दिया। जिला युवा समन्वयक ने पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी द्वारा रचित सत्संकल्प पाठ का वाचन किया।
मंच पर गायत्री परिवार के जिला समन्वयक दामोदर शर्मा और जिला ट्रस्ट के पातीराम शर्मा की गरिमामय उपस्थिति रही। वहीं जावरा के अग्रज समाजसेवी बाबूलाल नाहर की भी उपस्थिति रही अतिथियों का स्वागत मदनलाल नागदा, राधेश्याम बोडाना, रामचंद्र पाटीदार, बहादुर सिंह सोनगरा, निरंजन गहलोत, विनय माली, जगदीश चौहान ने किया।
संचालन जावरा युवा प्रकोष्ठ के डॉ महेंद्र बोड़ाना ने किया।
