भरत शर्मा की रिपोर्ट

रतलाम 11 मार्च शहर में घरेलु गैस सिलैंडर की मची होड़ के बीच कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती मिशा सिंह द्वारा बुधवार को कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष मे रतलाम शहर के एलपीजी गैस वितरकों की बैठक ली गई। बैठक में बताया गया कि जिले में गैस एजेंसियों पर घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिये रिफिल की बुकिंग अंतिम बार प्रदाय की गई रिफिल के 21 दिन अवधि से बढाकर 25 दिन कर दी गई है। घरेलू गैस उपभोक्ता से अपील है कि वे धैर्य बनाये रखे।

जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सभी कम्पनियों के समस्त एलपीजी वितरकों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रतिदिन घरेलू एलपीजी की उपभोक्ताओं द्वारा की जा रही बुकिंग की जानकारी संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी, (राजस्व) एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी तथा जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय, रतलाम में प्रतिदिन प्रात: 11 बजे तक प्रस्तुत करेंगे।

समस्त वितरक यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके डिलेवरी मेन/हॉकर उपभोक्ताओं से नियत शुल्क से अधिक राशि प्राप्त नहीं करेंगे एवं FIFO प्रणाली के माध्यम से पूर्ववर्ती बुकिंग का वितरण पहले करेंगे। पैनिक बुकिंग की स्थिति में ऑयल कम्पनी के निर्देशानुसार डबल कनेक्शन की दशा में नियत समयावधि (25 दिन) अंतराल के उपरांत ही द्वितीय रिफिल डिलेवर करेंगे।
समस्त वितरक व्यवसायिक एलपीजी वितरण के संबंध में अनिवार्य सेवाओं चिकित्सालय,जेल एवं शैक्षणिक संस्थाओं को व्यवसायिक रिफिल का वितरण करेंगे। इसके अतिरिक्त अन्य व्यवसायिक गतिविधियों हेतु आपूर्ति प्रतिबंधित रखेंगे।
कंट्रोल रूम स्थापित
उपरोक्त के संबंध में प्राप्त होने वाली शिकायतों के निराकरण हेतु जिला कार्यालय कलेक्टर (खाद्य) रतलाम में पृथक से कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो प्रातः 09:00 से सायं 06:00 बजे तक संचालित होगा। उक्त कन्ट्रोल रूम के व्हाटसएप नंबर 9691115274, 9425991291 है। ई-मेल आईडी foodoffrat@mp.gov.in पर भी संपर्क कर सकते है।
उपरोक्त के अतिरिक्त उपभोक्ता संबंधित गैस कम्पनी के हेल्पलाईन नंबर इण्डेन गैस 1800-2333-555 भारत गैस 1800-22-4344 एवं एचपी गैस 1800-2333-555 /एलपीजी हेल्पलाईन नंबर 1906 पर भी शिकायत दर्ज करवा सकेंगे। समस्त वितरक उक्त कंट्रोल रूम सहित गैस कम्पनी के हेल्पलाईन नंबर की जानकारी अपने कार्यालय पर ऑयल पेंट से अंकित कर प्रदर्शित करेंगे। उक्त निर्देशों का उल्लंघन करने पर एस्मा एक्ट एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्यवाही की जाएगी।
