सूरजपुर। शासकीय नवीन महाविद्यालय, प्रेमनगर में राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान के अंतर्गत आयोजित पाँच दिवसीय इको टूरिज्म कार्यशाला के चौथे दिन का सत्र “छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास के नए आयाम” विषय पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी साबित हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. एच. एन. दुबे ने की। मुख्य अतिथि के रूप में नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुखमनिया जगते एवं विशिष्ट अतिथि आलोक साहू उपस्थित रहे। विषय विशेषज्ञों में डॉ. अखिलेश द्विवेदी, डॉ. अखिलेश पाण्डे और विनोद साहू शामिल रहे। संचालन हीरालाल सिंह ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद छत्तीसगढ़ी राज्य गीत के सामूहिक गायन से माहौल सांस्कृतिक रंग में रंग गया।
कार्यशाला में लगभग 50 विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। वक्ताओं ने पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के संतुलन पर विशेष जोर दिया।
स्वागत भाषण में रेखा जायसवाल ने कहा कि जिम्मेदार पर्यटन ही स्थायी विकास का आधार है। प्राचार्य डॉ. दुबे ने क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं और रोजगार के अवसरों पर प्रकाश डाला।
आलोक साहू ने पर्यटन विकास के लिए आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की बात कही, वहीं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी जोर दिया।
डॉ. अखिलेश द्विवेदी ने इको टूरिज्म को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाते हुए सस्टेनेबल टूरिज्म अपनाने की जरूरत बताई। विनोद साहू ने पर्यटन को व्यापक उद्योग बताते हुए स्वरोजगार के अवसरों पर प्रकाश डाला।
द्वितीय सत्र में डॉ. अखिलेश पाण्डे ने मानव और प्रकृति के संतुलन पर जोर देते हुए कहा कि सीमित संसाधनों का संतुलित उपयोग जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में आयोजक सचिव हरिशंकर ने सभी का आभार व्यक्त किया। अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में रविशंकर उर्रे, मनबोध कुजूर, जयशंकर, अमित कुमार, शेषनन्दन टेकाम सहित अन्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
