भरत शर्मा की रिपोर्ट

रतलाम,09 मार्च भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए लोकायुक्त पुलिस उज्जैन ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त भोपाल के निर्देशों और पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन के मार्गदर्शन में टीम ने रतलाम जिले की ग्राम पंचायत कनेरी के सचिव सत्यनारायण सेन को 4,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
यह है पूरा मामला
शिकायतकर्ता प्रेम जैसवार (निवासी रतलाम) ने मां विंध्यवासिनी ड्रीम सिटी कॉलोनी में दो भूखंड खरीदे थे। इसमें से भूखंड क्रमांक B-41 पर भवन निर्माण की अनुमति प्राप्त करने और भूखंड क्रमांक 96 का ग्राम पंचायत रिकॉर्ड में नामांतरण कराने के एवज में सचिव सत्यनारायण सेन द्वारा 5,000 रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
जाल बिछाकर की गई कार्रवाई
आवेदक की शिकायत पर लोकायुक्त उज्जैन ने 23 फरवरी 2026 को मामले की तस्दीक की, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया। सोमवार, 9 मार्च को जैसे ही आवेदक ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 4,500 रुपये सचिव को सौंपे, पहले से तैयार लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
लोकायुक्त पुलिस द्वारा आरोपी सचिव के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
लोकायुक्त दल की भूमिका
इस सफल ट्रैप कार्रवाई में लोकायुक्त उज्जैन की टीम का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक दिनेशचंद पटेल ने किया। इसके अलावा टीम में निरीक्षक हीना डावर, आरक्षक श्याम शर्मा, आरक्षक संजीव कुमारिया, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत और आरक्षक इसरार शामिल थे।



